आबकारी विभाग बनायेगा ट्रैक एण्ड ट्रैस प्रणाली को अधिकाधिक प्रभावी -संजय आर0 भूसरेड्डी

मदिरा की दुकानों पर पी0ओ0एस0 (प्वाइंट आफ सेल) मशीन लगाये जाने का निर्णय

उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग द्वारा सभी मदिरा की दुकानों पर 33000 प्वाइंट आफॅ सेल (पी0ओ0एस0) मशीने लगायी जायेंगी। अब दुकानों से पी0ओ0एस0 के माध्यम से ही शराब की बिक्री की जायेगी।
यह जानकारी आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव संजय आर. भूसरेड्डी ने दी। उन्होंने बताया कि सभी डिस्टलरियों में सीसीटीवी कैमरा और डिजीलाॅक्स भी लगाये जायेंगे। आबकारी के वाहनों का जी0पी0एस0 ट्रैकिंग भी होगा। उन्होंने बताया कि चीनी मिलों में शीरा वेट मशीनों को आनलाईन किया जायेगा जिससे शीरा निर्यात और बिक्री के कार्यों में पारदर्शिता हो सके। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग द्वारा विभाग की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाया जा रहा है। वही मदिरा उत्पादन करने वाली ईकाईयों को पारदर्शी बनाने की पहल की जा रही है।
श्री भूसरेड्डी ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा राजस्व में वृद्धि तथा अवैध मदिरा पर रोक हेतु ट्रैक एण्ड ट्रैस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने बताया कि अब एक ही सेवाप्रदाता के माध्यम से समस्त सेवाओं का क्रियान्वयन कराया जायेगा।
श्री भूसरेड्डी ने बताया कि पूर्व प्रणाली में मदिरा की बोतलों पर चस्पा किये जा रहे होलोग्रामों के बारे में इसके प्रतिरूपों (डुप्लीकेट) की शिकायतें निरंतर प्राप्त हो रही थी। साथ ही राजस्व में भी पर्याप्त वृद्धि नहीं हो पा रही थी। इसी कारण से होलोग्राम व्यवस्था को वर्ष 2018-19 में समाप्त कर दिया गया। इसके स्थान पर ट्रैक एण्ड ट्रैस प्रणाली को लागू किया गया। इस प्रणाली को और प्रभावी बनाकर राजस्व में वृद्धि की व्यवस्था की गयी है।
प्रमुख सचिव आबकारी के अनुसार पूर्व में इस प्रणाली मंे आये व्यवधानों को अब दूर कर दिया गया है। तथा भविष्य में रिटेल स्तर पर पी0ओ0एस0 मशीन एवं जियोफैशिंग की प्रणाली भी विकसित की जा रही है। एक ही सेवा प्रदाता के माध्यम से आबकारी विभाग पूरी कार्य प्रणाली को पी0ओ0एस0 मशीन सहित आन लाइन करने का प्राविधान किया गया है। उन्होंने बताया कि शीरा के उत्पादन/संचय/वितरण से लेकर अल्कोहल का उत्पादन/संचय/वितरण, बाटलिंग, एवं उपभोग के विभिन्न चरणांे हेतु आवश्यक पी.ओ.एस. मशीन्स, हैण्डहेल्ड स्कैनर्स, सी.सी.टी.वी., डिजीलाक्स, जी.पी.एस. आदि विभिन्न प्रकार के हार्डवेयर की आपूर्ति, का कार्य किया जायेगा। साथ ही स्थापना एवं संचालन/अनुरक्षण आदि का समावेश इस परियोजना में किया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश सरकार पर कोई व्ययभार नहीं आयेगा।
श्री भूसरेड्डी ने बताया कि तकनीक के प्रभावपूर्ण उपयोग से विभाग के कार्यकलापों में दक्षता एवं पारदर्शिता आयेगी। वास्तविक उत्पादन, निकासी, राजस्व आदि का मानकांे के अनुरूप मिलान हो सकेगा तथा उत्पादकता, आपूर्ति एवं राजस्व में वृद्धि भी संभव हो सकेगी। प्रस्तावित व्यवस्था में उपभोक्ता एवं जनमानस के लिये मोबाइल एप्लीकेशन भी तैयार की जायेगी, जिसमे वह मदिरा की किसी बोतल के सम्बन्ध में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेगा। परियोजना अवधि में मुख्यालय, आसवनी/यवासवनी, हेल्पडेस्क, सी.सी.टी.वी. सर्विलांस सिस्टम आदि में बड़ी मात्रा में टेक्निकल मैनपावर की आवश्यकता सृजित होगी।
प्रमुख सचिव नेे बताया कि विभाग की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली को पी.ओ.एस. मशीनों सहित आॅन-लाइन किया गया है साथ ही एण्ड टु एण्ड सोल्यूशन उपलब्ध कराने वाले सेवाप्रदाता के चयन हेतु आबद्ध ई. एण्ड वाई. परामर्शदाता कम्पनी द्वारा तैयार किये गये आर.एफ.पी. एवं मास्टर सर्विस ऐग्रीमेंट के आलेख एवं भुगतान प्रक्रिया पर अनुमोदन अपेक्षित है।

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