पिछड़ा वर्ग को अपने अधिकार दिलाने के लिए सरकार संवेदनशील अनिल राजभर


प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। समाज में पिछड़ों के प्रति सरकार पूरी तरह संवेदनशील है।साथ ही पिछड़ा वर्ग को अपने अधिकारों से भी अवगत कराने की आवश्यकता है।
यह बात पिछड़़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर ने इंदिरा भवन स्थित राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्यों व पदाधिकारियों के साथ आयोजित औपचारिक बैठक के दौरान कही।

श्री राजभर ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग को समाज में अपनी सक्रियता बढाना में होगा ताकि पिछड़ा वर्ग आयोग माध्यम से अपनी कठिनाईयों से निस्तारण सुगमता से करा सके। पिछड़ा समाज को जागरूक करने के लिए प्रतिमाह आयोग के सदस्यों द्वारा मण्डलीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया जाना चाहिए, जिससे पिछड़ा वर्ग के लोगों का कल्याण हो सके और आयोग की सार्थकता भी सिद्ध हो सके। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है तथा आयोग की उपयोगिता को बढ़ाने के लिए सभी सदस्यों तथा उपाध्यक्ष आदि को मिलकर कार्य करने की जरूरत है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने कहा कि जिले स्तर पर होने वाली बैठकों में आयोग के सदस्यों को बुलाकर पिछड़ा वर्ग से सम्बन्धित मामलों की सुनवाई कर मौके पर समस्याओं को हल करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रिक्त अध्यक्ष पद की नियुक्ति शीघ्र ही की जायेगी।
बैठक के दौरान उपाध्यक्ष श्री जसवंत सैनी ने कहा कि आयोग की मण्डलीय समीक्षा बैठक माह के अंत तक शुरू की जायेगी तथा आयोग के सदस्यों में कार्य का विभाजन भी शीघ्र अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही कर दिया जायेगा।
श्री सैनी ने कहा कि अध्यक्ष की नियुक्ति न होने से बहुत से कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयोग को संवैधानिक दर्जा प्राप्त होने से आयोग को सीधी कार्यवाही करने का अधिकार मिलेगा। साथ ही आयोग को निर्णय लेने का भी अधिकार होगा।
इस अवसर पर राज्य पिछड़़ा वर्ग आयोग के सदस्यांे ने अपने-अपने सुझाव साझा किये तथा मंत्री जी को जिले में आ रही परेशानियों से अवगत कराया। जिले की समीक्षा बैठकों में आयोग के सदस्यों की सूचना देने, सदस्यों के बीच कार्यो का विभाजन करने तथा लोक अदालत का प्रारूप तैयार कर उसे सुचारू रूप से करने आदि से सम्बंधित मामलों पर चर्चा हुई।
बैठक मेें उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग आयोग हीरा ठाकुर, सचिव एस0एन0 यादव, अन्वेषण अधिकारी जयसिंह, शोघ अधिकारी, गीतांजली श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी तथा आयोग के सदस्य मौजूद थेे।

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