पेट्रोल में 20 फीसद इथेनॉल और डीजल में 5 प्रतिशत बायो-डीजल मिश्रित करने का लक्ष्य देश 2030 तक हासिल कर लेगा- धर्मेन्द्र प्रधान

देश 2030 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित करने और डीजल में 5 प्रतिशत बायो-डीजल मिश्रित करने का लक्ष्य हासिल कर लेगा । हमारा लक्ष्य कृषि अवशेषों एवं घरों से निकलने वाले अपशिष्टों से विभिन्न प्रकार के जैव ईंधन तैयार करना है। यह बात देश की ऊर्जा नीति रिपोर्ट की समीक्षा लॉन्च करते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने नई दिल्ली में कही।

उन्होंने कहा कि हमने निवेश अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं। आईईए ने उल्लेख किया है कि 2015 से 2018 के दौरान भारत के ऊर्जा क्षेत्र में किया गया निवेश दुनिया का दूसरा सबसे अधिक निवेश है। हमें इस बात की खुशी है कि विश्व की जानी-मानी तेल व गैस कंपनियों जैसे दृ साउदी अरामको, एडीएनओसी, बीपी, शेल, टोटल, रोजनैफ्ट, एक्जॉन मोबिल की भारत में महत्वपूर्ण मौजूदगी।

श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने डॉ. फतेह बिरोल और उनकी आईईए की टीम को भारत के ऊर्जा क्षेत्र के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट बनाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कि रिपोर्ट में कही गई बातें प्रधानमंत्री के ऊर्जा विजन को हासिल करने की दिशा में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की पुष्टि करती हैं। ऊर्जा विजन के महत्वपूर्ण घटक हैं दृ ऊर्जा तक पहुंच, ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा का दीर्घावधि प्रयोग और ऊर्जा सुरक्षा। ऊर्जा न्याय, ऊर्जा विजन के केन्द्र में है।

श्री प्रधान ने कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है। भारत अपने ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के दौर में है। सरकार की ऊर्जा नीतियां स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि हम जिम्मेदारी के साथ तथा दीर्घावधि उपयोग को ध्यान में रखते हुए इस ऊर्जा बदलाव को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उज्ज्वला योजना के बारे में श्री प्रधान ने कहा कि देश के सुदूर क्षेत्रों में भी स्वच्छ ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। एलपीजी को प्रोत्साहन देने से संबंधित अपने अनुभव को हम अफ्रीका और एशिया के देशों के साथ साझा कर रहे हैं। हमें लंबी दूरी तय करनी है और हमें यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का क्रियान्वयन देश के सभी हिस्सों तक समान रूप से हो।

श्री प्रधान ने कहा कि भारत का गैस आधारित अर्थव्यवस्था में बदलाव, स्वदेश में उत्पादित जैव ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता उपायों से कार्बन उत्सर्जन की मात्रा में महत्वपूर्ण कमी आएगी। हमारा प्रयास है कि तेल और गैस आधारित अवसंरचना का निर्माण किया जाए और सभी नागरिकों को किफायती ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। रिपोर्ट में इस बात की तस्दीक की गई है कि भारत गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है।

श्री प्रधान ने कहा कि तेल और गैस ढांचागत संरचना के लिए 100 बिलियन डॉलर के निवेश की योजना तैयार की गई है। गैस पाइपलाइन नेटवर्क देश के एक कोने को दूसरे कोने – पश्चिमी भारत के कच्छ से पूर्वी भारत के कोहिमा तक और उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक – से जोड़ेगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र के 8 देशों में 1656 किलोमीटर लंबी गैस पाइप लाइन बिछाई जाएगी। पूर्वोत्तर गैस ग्रिड परियोजना के तहत तैयार होने वाली इस गैस पाइप लाइन का अनुमानित लागत 9265 करोड़ रुपये है और सरकार ने पूंजीगत अनुदानध् संभावना अंतर कोष के रूप में लागत की 60 प्रतिशत धनराशि देने की मंजूरी दी है।

श्री प्रधान ने कहा कि 400 से अधिक जिलों में सरकार सिटी गैस वितरण नेटवर्क का निर्माण करेगी। यह नेटवर्क भारत के 50 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र को कवर करेगा और इस नेटवर्क से 72 प्रतिशत आबादी को स्वच्छ और किफायती गैस की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्राकृतिक गैस पर एक कार्यशाला का आयोजन 23 जनवरी को नई दिल्ली में होगा। इस कार्यशाला में सभी हितधारक भाग लेंगे। श्री प्रधान ने कहा कि इन पहलों से मुझे विश्वास है कि भारत के गैस क्षेत्र का परिदृश्य बदल जाएगा।

श्री प्रधान ने कहा कि रिपोर्ट में ऊर्जा सुरक्षा को महत्वपूर्ण नीति प्राथमिकता के रूप में सरकार द्वारा मान्यता देने की बात कही गई है। आईईए ने भारत की तेल आपात्त प्रतिक्रिया नीति को लागू करने के लिए अनुशंसाएं की है। वैश्विक तेल सुरक्षा के मामलों पर देश अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। ऊर्जा विभिन्न देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार संबंधों के केन्द्र में रही है। वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक देश के रूप में स्थापित हुआ है।


केन्द्रीय कोयला, खान और संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी, केन्द्रीय ऊर्जा और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राज कुमार सिंह, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक एवं राजदूत डॉ. फतेह बिरोल तथा नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने नई दिल्ली में संयुक्त रूप से भारत की ऊर्जा नीति रिपोर्ट की समीक्षा लॉन्च किया। यह समीक्षा रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) द्वारा तैयार की गई है।.

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