मुसलमान बहाना है सर्वहारा के आरक्षण व वोट पर निशाना है- मो. अकरम अन्सारी


देश के 14 लाख 50 हजार हिन्दू सर्वहारा को आरक्षण, जमीन, सरकारी नौकरी व वोट के अधिकार से वंचित किया गया

 

मुसलमान तो सिर्फ बहाना है आदिवासी दलित व पिछड़ा निशाना है दलित आदिवासी पिछड़ा का आरक्षण राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ व भाजपा की आँखों में हमेशा से चुभता रहा है जिसे छीनने के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं से लेकर कार्यकर्ता तक देशवासियों में नफरत फैलाने के कुकृत्य में संलिप्त हैं। यह बात मोमिन अन्सार सभा की प्रेस वार्ता के दौरान मोमिन अन्सार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. अकरम अन्सारी ने 33 अल-अन्सार काम्प्लेक्स गंगा प्रसाद रोड, मौलवीगंज, लखनऊ में कही।
उन्होंने कहा कि आज देश में भारतीय जनता पार्टी के सबसे निचले स्तर की राजनीतिक प्रोपेगण्डा के चलते मुसलमानों को सबसे खराब इंसान और हिंदुओं के लिए खतरा व देश के लिए समस्या बताने का झूठ बोला जा रहा है, जिससे हिन्दू समाज में मुसलमानों के प्रति दुश्मन होने का आभास उत्पन्न कर रोष पैदा किया जा सके और भोली भाली जनता को नफरत की राजनीति में फंसा कर सर्वहारा समाज दलित व पिछड़ा वर्ग के वोटों को लूटा जा सके अकरम अन्सारी ने कहा नागरिकता संशोधन कानून, नेशनल सिटीजन रजिस्टर और राष्ट्रीय जनसँख्या रजिस्टर का मौजूदा प्रारूप इसी नफरत की राजनीति का हिस्सा है काला कानून है जो सबसे ज्यादा सर्वहारा दलित पिछड़े को प्रताड़ित करेगा असम का उदहारण हमारे सामने है जहाँ 14 लाख 50 हजार हिन्दू सर्वहारा और 4 लाख 50 हजार मुस्लिम सर्वहारा को आरक्षण जमीन सरकारी नौकरी से ही नहीं वोट के अधिकार से वंचित किया गया लेकिन यह नफरत बाज गैंग गली झूठा प्रचार कर रहा है कि यह नागरिकता लेने का नहीं देने का कानून है इसलिए प्रदेश कार्यकारिणी में निर्णय लिया गया कि हमें ब्।।, छत्ब् या छच्त् मंजूर नहीं हमारी मांग है कि संशोधनों को वापस लिया जाये पुराना स्वरुप बहाल किया जाये जब तक ऐसा नहीं किया जाता हम छच्त् नहीं होने देंगे। सत्ता पक्ष के झूठ व फरेब को जनता में फैलाने के लिए राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ व उसके सहयोगी संगठन जनता के बीच पहुँचकर जनता को बरगलाने का काम कर रहे हैं, और यह कभी-कभी अपने प्रोपेगण्डा में कामयाब इसलिए हो जाते हैं क्योंकि दूसरी राजनीतिक पार्टियों व सामाजिक संगठन आर.एस.एस व भाजपा के प्रोपेगण्डे के विरुद्ध सच्ची बात जनता के संज्ञान में लाने में नाकामयाब साबित हो रहे हैं इन परिस्थितियों को देखते हुए आज मोमिन अन्सार सभा की कार्यकारिणी की बैठक जिसमे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों, नगरों, कस्बों से पदाधिकारी शामिल हुए तय किया गया कि मोमिन अन्सार सभा के लोग देश भर में जिला व कस्बा स्तर पर भाजपा व संघ के झूठ को जनता के सामने बेनकाब करेंगे, क्योंकि अगर नफरतों को रोका न गया तो यह देश के सामाजिक ढांचे पर कुठाराघात होगा जिसे बचाना हर नागरिक का कर्तव्य है आज देश का हर नागरिक इच्छानुसार अपने धार्मिक ग्रन्थ पढ़ रहा है उनके रास्ते पर चल रहा है तो यह देश के संविधान के कारण ही संभव है जो विविधता में एकता को पिरो कर भारत को विश्व पटल पर चमका रहा है। अकरम अन्सारी ने कहा कि आज देश ष्आर्थिक आतंकवादष् से ग्रस्त है जो सत्ता द्वारा प्रायोजित है देश में रोजगार के अवसर रोज बरोज कम होते जा रहे है और महंगाई आसमान छू रही है जनता की आय बच्चों को शिक्षा व स्वास्थ्य उपलब्ध कराने में कम पड़ रही है जिम्मेदार सरकार का निकम्मापन है जिसे देश की हर समस्या में पकिस्तान नजर आता है अपने नागरिकों की समस्याएं नजर नहीं आतीं जिन्होंने इन्हें अपने रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा संप्रभुता की रक्षा की जिम्मेदारी दी ।
बैठक को कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष नसीम अन्सारी, महामंत्री मो. इकराम अन्सारी, प्रदेश अध्यक्ष हाफिज रफीक अहमद, कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष मेराजुद्दीन अन्सारी, मुमताज अन्सारी, रईस अहमद, मन्सूर जमाल, अब्दुल कवि खां, अब्दुल रशीद एडवोकेट, रहमत लखनवी, एजाजुल हसन, मो. जावेद अन्सारी, महबूब आलम अन्सारी, हाफिज शाह आलम अन्सारी, महताब आलम अन्सारी, शाकिर अली अन्सारी, ताहिर इकबाल, फारूक अन्सारी, खर्शीद अन्सारी एडवोकेट, अकबर अली, इजहार अहमद, फजल करीम, अयाज आलम, मो. रिजवान, जावेद अली अन्सारी, रिजवान उमर, फहीम फाकिर, इमरान अहमद राजू, मोहम्मद सिराज, गुलाम मोहम्मद अन्सारी, मुजफ्फर अली अन्सारी, डा. अब्दुल बासित, माहताब आलम अन्सारी, शमीम अन्सारी, इस्लाम मलिक, मो. इजहार अन्सारी, राशिद कलीम अन्सारी, मो. अजहर अन्सारी, अब्दुल कय्यूम अन्सारी, अली अहमद, शब्बीर अहमद अन्सारी, फकरूल हुदा, शहनवाज आलम, अतहर अहमद, मोहम्मद अय्यूब, मोहम्मद जियाउद्दीन आदि ने सम्बोधित किया।

बैठक में प्रमुख रूप से मोमिन अन्सार अधिवक्ता सभा (प्रकोष्ठ), मोमिन अन्सार डाक्टर सभा (प्रकोष्ठ), मोमिन साहित्य अदब सभा (प्रकोष्ठ), मोमिन राईन सभा (प्रकोष्ठ), मोमिन हलवाई सभा (प्रकोष्ठ), मोमिन पठान सभा (प्रकोष्ठ) के पदाधिकारियों सहित हरदोई, इलाहाबाद, लखीमपुर, शाहजहांपुर, कानपुर, रामपुर, मुरादाबद, महराजगंज, रायबरेली, अमेठी, जालौन, झांसी, अन्बेडकर नगर, मऊ, बुलन्द शहर, सीतापुर, लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी, गोण्डा, बहराइच, सन्तकबीर नगर, गोरखपुर, कुशीनगर, मेरठ, सहारनपुर आदि जिला व नगर के पदाधिकारी मौजूद थे।

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