एक सप्ताह लंबा‘भारत पढ़े ऑनलाइन’ अभियान शुरू

ट्विटर पर #BharatPadheOnline और @HRDMinistry और @DrRPNishankपर अधिसूचित करके और bharatpadheonline.mhrd@gmail.com पर 16 अप्रैल 2020 तक विचार साझा किए जा सकते हैं

अभियान का उद्देश्य भारत के सर्वश्रेष्ठ दिमागों को आमंत्रित करना है ताकि ऑनलाइन शिक्षा की बाधाओं को दूर करते हुएउपलब्ध डिजिटल शिक्षा प्लेटफार्मों को बढ़ावा देकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ सुझाव /समाधान सीधे साझा किए जा सकें और उपलब्‍ध डिजिटल शिक्षा प्‍लेटफॉर्मों को बढ़ावा दिया जा सके – रमेश पोखरियाल ‘निशंक’

इस अवसर पर केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य भारत के सर्वश्रेष्ठ दिमागों को आमंत्रित करना है ताकि ऑनलाइन शिक्षा की बाधाओं को दूर करते हुए उपलब्ध डिजिटल शिक्षा प्लेटफार्मों को बढ़ावा देकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ सुझाव /समाधान सीधेसाझा किए जा सकें और उपलब्‍ध डिजिटल शिक्षा प्‍लेटफॉर्मों को बढ़ावा दिया जा सके। श्रीनिशंक ने कहा कि विचारों को bharatpadheonline.mhrd@gmail.comऔर #BharatPadheOnlineका उपयोग करते हुए ट्विटर पर16 अप्रैल 2020 तक साझा किया जा सकता है। ट्विटर का उपयोग करते समय उसे @HRDMinistryऔर @DrRPNishankपर भी टैग किया जाए ताकि विचार हम तक पहुंच सकें। उन्‍होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से सुझावों जानना चाहेंगे।

मेरा आप सभी से निवेदन है कि आप सब मंत्रालय को ऑनलाइन शिक्षा पद्धति को और अधिक प्रभावशाली और रचनात्मक बनाने हेतु अपने सुझाव दें। आप सभी अपने सुझाव #BharatPadheonline का उपयोग करते हुए मेरे @DRPNishankव मंत्रालय के @HRDMinistry टि्वटर अकाउंट में भेज सकतें हैं। #IndiaFightsCorona pic.twitter.com/kdmoZj4mm5

— Dr Ramesh PokhriyalNishank (@DrRPNishank)

श्री निशंक ने कहा कि छात्र और शिक्षक इसमें हमारे विशेष समूह हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वे मौजूदा ऑनलाइन शिक्षा विधियों को बेहतर बनाने के लिए पूरे मनोयोग से इस अभियान में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि जो छात्र वर्तमान में स्कूलों या उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे हैं, वे विभिन्‍न पाठ्यक्रमों में मौजूदा डिजिटल प्लेटफार्मों से दैनिक आधार पर जुड़े हुए हैं। वे इस बात को साझा कर सकते हैं कि मौजूदा ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म में क्या कमी है और हम कैसे उन्‍हें अधिक आकर्षक बना सकते हैं।

उन्होंने कहा कि देश भर के शिक्षक भी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के साथ योगदान देने के लिए आगे आ सकते हैं। उनके साथ बातचीत शुरू की जा सकती है, उनसे पूछा जा सकता है कि उन्हें क्या लगता है कि आदर्श ऑनलाइन शिक्षा व्‍यवस्‍था कैसी दिखाई देनी चाहिए? या भारत के वर्तमान ऑनलाइन शिक्षा परिदृश्य की सीमाएँ क्या हैं? ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से पारंपरिक कक्षाओं में उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

श्री निशंक ने एक बार फिर सभी भारतीयों से भारत में ऑनलाइन शिक्षा में तेजी लाने के लिए इस अनूठी पहल में भाग लेने का आग्रह किया।

 

 

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