लाॅकडाउन का भी भरना पढेगा साधारण ब्याज-सतीश महाना

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के सभी मदों के देयआतों में जमा की जाने वाली धनराशि पर साधारण ब्याज लेने का फैसला किया है। लाॅक-डाउन को देखते हुए 22 मार्च से 30 जून के मध्यम के सभी मदों में देयताओं की धनराशि को 30 सितम्बर तक जमा करने पर केवल साधारण ब्याज लिया जायेगा। इस अवधि में आवंटी के भुगतान डिफाल्ट होने की स्थिति में किसी प्रकार का दण्डब्याज आरोपित नहीं किया जायेगा।यह जानकारी प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने दी।

उन्होंने बताया कि 01 जुलाई, से 30 सितम्बर, के मध्य सभी मदों के देयताओं के संबंध में प्राधिकरण द्वारा साधारण ब्याज लिया जायेगा। यदि देयता 30 सितम्बर तक जमा नहीं की जाती है, तो सम्पूर्ण स्थगन अवधि हेतु डिफाल्ट ब्याज देय होगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में आने वाली देयताओं की देय तिथि वहीं होगी, जो लीज डीड के अनुसार निर्धारित है।
औद्योगिक विकास मंत्री ने बताया कि कि इसी प्रकार राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी से प्रभावित उद्योगों को पुनः पटरी पर लाने के लिए राज्य के सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में लागू ब्याज दरांे का कम करने का निर्णय लिया है। तीन वर्ष की अवधि के ऋण हेतु एस0बी0आई0 के एम0सी0एल0आ दर पर प्रशासनिक व्यय एक प्रतिशत को शामिल करते हुए अगले 0.5 प्रतिशत के स्तर तक राउंड आॅफ करते हुए ब्याज दरें लागू की जायेंगी। इस फार्मूले के अनुसार प्रत्येक वर्ष में 01 जनवरी और 01 जुलाई को ब्याज दरें पुनर्निर्धारित की जायेंगी।
श्री महाना ने बताया कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा, नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा की गई संस्तुत पर सम्यक विचारोपरान्त यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि समय से देयों के भुगतान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डिफाल्ट धनराशि पर डिफाल्ट अवधि हेतु दण्ड ब्याज 03 प्रतिशत की दर से प्रत्येक 06 माह में कम्पाउडिंग करते हुए लागू किया जायेगा। यह दरें आगामी प्रभावी से ही लागू की जायेंगी।.