कोविड मरीजों के लिए बंेडों की कोई कमी नहीं- मुख्य सचिव

मोहम्मद तसनीम

कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन के संबंध में जागरूकता लाने के साथ मोबाइल टेस्टिंग एवं टेस्टिंग बूथ बढाये जाने के जरुरत है। सम्पूर्ण आइसोलेशन अवधि के दौरान देखभाल करने वाले व्यक्ति एवं संबंधित चिकित्सालय के मध्य सम्पर्क बनाए रखना होम-आइसोलेशन के लिए एक प्रमुख अनिवार्यता है। यह बात कोविड-19 के संक्रमण से बचाव व नियन्त्रण किये जाने के संबंध में बैठक में मुख्य सचिव उ0प्र0 शासन राजेन्द्र कुमार तिवारी ने जी0एस0वी0एम0 मेडिकल कालेज सभागार में कही।

बैठक में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोविड मरीजों की मृत्यु दर में कमी लाने के लिए आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाये।
उन्होंने सर्विंलास टीमों द्वारा डोर टू डोर सर्वे करने के कार्य की नियमित समीक्षा करने तथा कन्टेनमेन्ट जोन मे विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित किया कि कोविड धनात्मक मरीज के मिलने पर उसको अतिशीघ्र सम्बन्धित कोविड के अस्पताल में रियल टाइम मानीटरिंग करते हुए भर्ती कराया जाये तथा मरीज भर्ती होने के बाद उसके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी रखते हुए उसके परिवारजनों को अवगत कराया जाये। उन्होंने कोविड की टेेस्टिंग क्षमता को बढाकर दोगुना किये जाने जाने के साथ एन्टीजन टेस्ट बढाये जाने के निर्देश दिये।
उन्होंने अधिकारियों को बैठक में उन्होंने कोविड धनात्मक मरीजो की कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग को पूरी सर्तकता के साथ किये जाने तथा उसके सभी सम्पर्को का पूर्ण पता लगाकर सैम्पलिंग कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि कोई भी प्राइवेट अस्पताल कोविड मरीज का इलाज करता है तो मरीज को भर्ती करने के समय ही मुख्यचिकित्सा अधिकारी को सूचना देगें तथा कोविड मरीजों का बेहतर रूप से इलाज करने की व्यवस्था भी करेगंे। उन्होंने कोविड के एल-1, एल-2, एल-3 अस्पतालों में उपलब्ध बेडों की संख्या, भर्ती मरीजों की संख्या तथा प्रतिदिन आने वाले कोविड धनात्मक मरीजो की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि कोविड मरीजों की संख्या वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यकता अनुसार बेडों की व्यवस्था एवं अन्य सुविधायें उपलब्ध रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि कोविड धनात्मक केस मिलने पर तत्काल उसे संबंधित कोविड चिकित्सालय में भर्ती करने के व्यवस्था में देरी नही होने पाये।
उन्होंने सर्विंलास टीमों को और अधिक सक्रिय करने के साथ ही पल्स आकसीमीटर व थर्मामीटर के साथ टीम में एक सुपरवाइजर नियुक्त करने हेतु निर्देश दिये। उन्होंने डेडीकेटेड कन्ट्रोल रूम से कोविड मरीजों को संबंधित अस्पतालों में भेजे जाने, एम्बुलेन्स की व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं की 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित किया है कि कोविड के गम्भीर रोगियों जैसे उच्च-रक्तचाप, किडनी, हृदय रोग आदि जैसे रेागों से ग्रसित लोगों का एन्टीजन टेस्ट किया जाये तथा सर्वे के समय सर्विंलास टीम ऐसे रोगियों को तत्काल अस्पताल में भर्ती होने के संबंध में जागरूक किया जाये।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद सहित मण्डलायुक्त डा0 सुधीर एम बोबडे, जिलाधिकारी डा0 ब्रम्हदेव राम तिवारी, नोडल अधिकारी समीर वर्मा, नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी, सी0डी0ओ0 सुनील कुमार, अपर जिला अधिकारी नगर विवेक श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कालेज डा0 आर0बी0 कमल, ए0डी0 हेल्थ डा0 आर0पी0 यादव, सी0एम0ओ0 डा0 अनिल मिश्रा सहित चिकित्सकगण मौजूद रहे।

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