छोटे कारोबारियो और किसानों के लिए एसबीआई ने पहला वर्टिकल बनाया है -दिव्यांशु रंजन

भारतीय स्टेट बैंक कानपुर जोन के उप महाप्रबंधक.दिव्यांशु रंजन का कहना है कि देश किसानो और छोटे व्यापारियों का है इस देश की जान और शान इन्हीं से है इसके लिए पूजा श्रीवास्तव के साथ साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि हम एक वर्टिकल बना कर इसमें जान फूकंने का काम करने जा रहे है बल्कि यू कहा जाये कि इस पर पायलट प्रोजेक्ट के रुप में काम कर बेहतर रिजर्ट भी पा चुके है।

प्रश्नः- एसबीआई कानपुर जोन में किसे कहते हैं

कानपुर जोन में 12 जिले आते हैं जिसमें कानपुर समेत बुंदेलखंड पूरा है 01 झांसी 02 ललितपुर 03 बांदा 04चित्रकूट 05 महोबा 06 उरई जालौन 07 हमीरपुर 08 फतेहपुर 09 उन्नाव 10कानपुर नगर अमेठी 12 रायबरेली इनका शहरी और आर्ध शहरी भू-भाग का संचालन एवं नियंत्रण कानुपर जोन द्वारा किया जाता है।

प्रश्नः-मैनचेस्टर ऑफ नार्थ कानपुर को कैसे बढ़ावा देने का क्या रोडमैप है
कानपुर का कपड़ा उद्योग कमजोर होने के बाद होजरी और रेडिमेड कपड़ों ने इस की दशा और दिशा को एक नया मोड दिया है जिसके लिए हम लगातार प्रयास कर रहे है बल्कि यू कहा जाये कि हम इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा लैडिंग कर रहे है लाॅकडाउन और आॅनलाॅक दोनों में बैंक सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम कर रही है जबकि भारतीय रिजर्व बैंक ने जो शर्ताें दी उसके आधार पर हम काम कर रहे है।
कृषि और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग हमारे देश की प्राथमिकता है जो प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी का भी सपना है। इस के लिए हम केन्द्र और राज्य सरकार के साथ ही अपनी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (पीएमजीपी) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (सीएमएसवाई) मुद्रा योजना स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया पर जोर दे रहे हैं इसके साथ ही हर शाखा स्तर पर एक महिला और एक अनुसूचित जाति एवं जनजाति लोगों को उद्यमी बना रहे हैं।

प्रश्नः-वित्तिय समावेशन और कृषि के लिए के क्या कर रहें है

एग्रीकल्चर और माइक्रो फाइनेंस को लेकर हमारा रोल अब नहीं रह गया है इसके लिए एक अलग से भारतीय स्टेट बैंक में वर्टिकल तैयार किया है जिसका नया नाम वित्तीय समावेशन और माइक्रो मार्केट (एफ आई एम एम ) है। जोकि किसान क्रेडिट कार्ड शिशु योजना और वित्तिय समावेशन के लिए तत्पर है इसका जोन कार्यालय इटावा में खोला गया है । हमारे क्षेत्र में जो कृषि क्षेत्र है उनकी देखभाल और बढ़ावा देने का काम कर रहें है।
सवालः- इस वक्त कारोबारी उधार लेने से बच रहे हैं
इस वक्त टर्नओवर कम हो गया है वर्किंग कम हो गयी है।कारोबारियों के साथ मुख्य समस्या कारोबार न के बाराबर हो गया है या फिर बंदी की तरफ जा रहे है इस लिए प्रॉब्लम जनरेट हो रही है इसलिए उनका झुकाव लोन लेने के लिए थोड़ा कम हो गया है जैसा भारत सरकार ने निर्देश दिए थे उस हिसाब से हमारे बैंक काम कर रहा है ।

सवालः- एनपीए लाॅकडाउन की वजह से बढ़ गया है।
ऐसा नही है रियपेंयमंेट नही कर रहे उनके खातों को टर्म लोन में तब्दील कर दिया है जिसका फायदा उद्यमी उठा रहे है हम दो योजनाएं भी लाये है
मौजूदा कर्जदारों को राहत देने के लिए, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ऋणदाता उधारकर्ताओं को आपातकालीन ऋण प्रदान करेगा, जिनके संचालन को कोरोनेवायरस (कोविद -19) महामारी की चपेट में हैं।
सरकार ऋणदाता अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराएगी-19 ईमेरियोवस क्रेडिट लाइन (सीईसीएल) के माध्यम से मौजूदा उधारकर्ताओं को एक तदर्थ आधार पर। (सीईसीएल) 30 जून तक लागू रहेगा।

आपातकालीन ऋण उधार वायरस से उत्पन्न तरलता बेमेल को पूरा करने के लिए है। सीईसीएल के तहत कार्यशील पूंजी आधारित कार्य सीमा (एफबीडब्ल्यूसी) के तहत 10 प्रतिशत या अधिकतम 200 करोड़ रुपये तक के ऋण प्रदान किए जाएंगे।
हालाँकि, वर्तमान सुविधा सहित कुल अतिरिक्त एक्सपोजर एफबीडब्लूसी एक्सपोजर के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। ऋण केवल निधि आधारित सीमा के रूप में दिए जाएंगे।
ऋण एक अधिस्थगन अवधि के बाद 6 मासिक किस्तों में चुकाया जा सकता है, अर्थात संवितरण की तारीख से 6 महीने। लागू होने पर 7.25 प्रतिशत की निश्चित ब्याज दर ली जाएगी।
गारंटीकृत संकटकालीन ऋण सुविधा योजना (जीईसीएल)

  1. सुविधा का नाम गारंटीकृत संकटकालीन ऋण योजना (जीईसीएल)
  2. सुविधा का प्रकार निधि आधारित- कार्यशील पूंजीगत मीयादी ऋण
  3. योजना की वैधता अवधि योजना 31.10.2020 तक या जीईसीएल योजना में निर्धारित ऋण सीमा प्रयुक्त होने पर, जो भी पहले हो।
  4. उद्देश्य जीईसीएल सुविधा से व्यावसायिक उद्यम मएसएमई को अपनी शुद्ध कार्यशील पूंजी बढ़ाने, जिससे कारोबारी देनदारियों को पूरा करने और कोविड-19 के दौरान अपने व्यवसाय को फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी।
  5. पात्रता ऐसे सभी कर्जदारों के खाते (बीई एमएसएमई) जिनमें 29.2.2020 को 25 करोड़ रुपये तक की संयुक्त बकाया ऋण राशियां हों और पिछले वित्त वर्ष (2019-20) में 100 करोड़ रुपये तक का वार्षिक कारोबार रहा हो इस योजना के तहत जीईसीएल वित्तपोषण पाने के पात्र हैं। यदि वित्त वर्ष 2019-20 के खातों की अभी लेखापरीक्षा नहीं हुई हैध्खातों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है, तो बैंक कर्जदार द्वारा घोषित टर्नओवर पर विचार कर सकता है ।
    प्रोप्राइटरशिप, भागीदारी, पंजीकृत कंपनी, ट्रस्ट तथा लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप्स (एलएलपी) के रूप में गठित व्यावसायिक उद्यमों एमएसएमईयों को दिए जानेवाले ऋण इस योजना के तहत पात्र होंगे।
    व्यावसायिक उद्यमों एमएसएमईयों में 29.02.2020 को या उससे पहले प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत संस्वीकृत ऋण शामिल हैं जो मुद्रा पोर्टल में रिपोर्ट किए गए हैं।
    कुल बकाया राशि में बैलेंस शीट में दर्शाए जानेवाले ऋणों को शामिल किया जाएगा। गैर-बैलेस शीट तथा गैर निधि आधारित ऋणों को शामिल नहीं किया जाएगा।
    यह योजना केवल 29.02.2020 को सदस्य उधारदाता संस्थाओं (मेंबर लेंडिंग इंस्टिट्यूशन) के वर्तमान ग्राहकों के लिए वैध है।
    इस योजना के तहत पात्रता के लिए ऋण खाते 29.02.2020 को देय तिथि को 60 दिन के बराबर या उससे कम के होने चाहिए। ऋण खाते जो 29.02.2020 को एनपीए या एसएमए-2 स्थिति में रहा हो, योजना के तहत पात्र नहीं है।
    सह-आवेदक वाले ऋणों के लिए, केवल उन्हीं वर्तमान ऋणों में जिसमें इकाई प्रथम सह-आवेदक के रूप में है योजना के तहत अतिरिक्त संकटकालीन वित्तपोषण के लिए शामिल किए जाएंगे।
    त्रता के लिए कर्जदार को ऐसे सभी मामले जिनमें जीएसटी पंजीकरण कराना अनिवार्य है, पंजीकृत होना चाहिए। यह शर्त उन कर्जदारों पर लागू नहीं है जिन्हें जीएसटी पंजीकरण कराना अनिवार्य नहीं है।
    व्यक्तिगत रूप में दिए गए ऋणों को योजना के तहत शामिल नहीं किया जाएगा।
    योजना के तहत पात्रता के लिए कर्जदारों के वर्तमान ऋणों का एनसीजीटीसी के ईसीएलजीएस के तहत शामिल होना जरूरी नहीं है।
  6. ऋण राशि 29.02.2020 को सकल निधि आधारित ऋण बकाया का अधिकतम 20 फीसदी तक। अधिकतम राशि ₹ 5.00 करोड़।
  7. संवितरण अधिकतम 4 चरणों में
  8. चुकौती अवधि संवितरण की तिथि से अधिकतम 4 वर्ष
    मोरेटोरियम केवल मूल धन के लिए 12 महीने, ब्याज मासिक अंतरालों पर देय।
    मोरेटोरियम अवधि की समाप्ति पर 36 समान किस्तों में मूल धन की चुकौती।
    जब भी लगाई जाए ब्याज राशि की अदायगी।
    कर्जदार को अतिरिक्त शुल्क के बिना समयपूर्व चुकौती की सुविधा।
  9. मार्जिन कोई नहीं।
  10. ब्याज दर क) ईबीएलआर(वर्तमान में 7.05फीसदी) ़ 75 बीपीएस, वर्तमान प्रभावी दर 7.80फीसदी
    ख) अधिकतम 9.25 प्रतिशत प्रति वर्ष, संपूर्ण ऋण अवधि के दौरान
  11. प्रतिभूति अतिरिक्त कार्यशील पूंजी मीयादी ऋण सुविधा का वर्तमान ऋण सुविधाओं के निहित प्रतिभूतियों और नकद प्रवाह के संबंध में चुकौती के लिए सममात्रा प्रभार (परी पासु चार्ज होगा।
    जीईसीएल के तहत वित्तपोषण के लिए अतिरिक्त संपार्शि्वक प्रतिभूति की जरूरत नहीं।
    12.प्रोसेसिंग फीस प्री-पेमेंट जुर्माना जुर्माना ब्याज कोई नहीं
  12. ऋण गारंटी न्यास को देय गारंटी फीस कोई नहीं
  13. गारंटी कवरेज का प्रतिशत योजना के तहत दी गई ऋण सुविधा की बकाया राशि पर एनपीए घोषित होने की तिथि को नैशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) की तरफ से 100 फीसदी गारंटी कवरेज दिया जाएगा।

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