(पीएम स्वनिधि) योजना’’ के अन्तर्गत माइक्रोक्रेडिट सुविधा के माध्यम से ऋण उपलब्ध -आशुतोष टण्डन

नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम मंत्री, आशुतोष टण्डन ने बताया कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश के समस्त राज्यों हेतु आत्मनिर्भर भारत के अन्तर्गत नई योजना ’’प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेण्डर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि)’’ का शुभारम्भ विगत जून, 2020 से किया गया है। योजना का मुख्य उददे्श्य लाॅकडाउन के मध्य पथ विक्रेताओं की प्रभावित हुयी आजीविका में सुधार हेतु रोजगार के लिए ब्याज अनुदान आधारित किफायती दर पर ऋण रु0 10,000/- कार्यशील पूंजी के रुप में एक वर्ष के लिए उपलब्घ कराया जाना है। योजना की अवधि दो वर्ष (वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22) है।
श्री टण्डन ने बताया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के परिणामस्वरुप किये गये लाॅकडाउन से पथ विक्रेताओं/रेहड़ी वालो की आजीविका पर विपरीत प्रभाव पड़ने के दृष्टिगत आत्मनिर्भर भारत के अन्तर्गत पथ विक्रेताओं/रेहड़ी वालो को स्वावलम्बन बनाने हेतु एक विशेष माइक्रो क्रेडिट सुविधा उपलब्घ कराये जाने के लिए यह योजना प्रारम्भ की गई है। योजनान्तर्गत वह पथ विक्रेता लाभान्वित होंगे जो 24 मार्च, 2020 से पूर्व नगरांे में विक्रय गतिविधियाॅं करते थे। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु वह शहरी पथ विक्रेता पात्र होंगे, जिनको नगर निकाय द्वारा विक्रय प्रमाण पत्र/पहचान पत्र जारी किया गया है अथवा वह पथ विक्रेता जो नगर निकाय के सर्वे सूची में सम्मिलित है, परन्तु विक्रय प्रमाण पत्र/पहचान पत्र जारी नहीं किया गया अथवा नगर निकाय के सर्वे में छूट गये हो एवं सर्वे के पश्चात् अपने विक्रय गतिविधियाॅं प्रारम्भ की हो, उनको नगर निकाय/टाऊन वेडिंग कमेटी द्वारा सिफारिश पत्र (लेटर आॅफ रिकमेन्डेशन) द्वारा जारी किया गया अथवा वह पथ विक्रेता जो आस-पास के विकास परिनगरीय/ग्रामीण क्षेत्रों में नगरीय निकायों की भौगोलिक सीमा के भीतर बिक्री कर रहें है और उन्हें नगर निकाय/टाऊन वेडिंग कमेटी द्वारा सिफारिश पत्र (लेटर आॅफ रिकमेन्डेशन) द्वारा जारी किया गया है, योजनान्तर्गत पात्र लाभार्थी होंगे।
श्री टण्डन ने बताया कि पथ विक्रेताओं को योजनान्तर्गत ब्याज अनुदान आधारित कार्यशील पूंजी रु0 10,000/- का ऋण एक वर्ष हेतु उपलब्ध कराया जायेगा। समय पर/समय से पूर्व ऋण वापसी करने पर 7 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज सब्सिडी भारत सरकार द्वारा दी जायेगी। योजनान्तर्गत ऋण की नियमित वापसी, डिजीटल लेन-देन पर मासिक नकदी वापसी (कैश बैक) को प्रोत्साहित किया जायेगा। प्रथम ऋण की समय पर वापसी पर अधिक ऋण कार्यशील पूंजी लेने हेतु पथ विक्रेता पात्र होगा। शहरी पथ विक्रेताओं को अनुसूचित वाणिज्यक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, लधु वित्त बैंक, सहकारी बैंक, गैर बैकिंग वित्तीय कम्पनियाॅं, सूक्ष्म वित्त संस्थाए अपने बैकिंग काॅरेस्पोंडेट (बीसी)/सूक्ष्म-वित्त संस्था (एमएफआई) के एजेन्ट से सम्पर्क कर मोबाइल ऐप/पोर्टल में दस्तावेज अपलोड करने में मदद् करेंगे।
नगर विकास मंत्री ने जानकारी दी कि योजना प्रदेश के समस्त 707 नगर निकायों (17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद एवं 490 नगर पंचायत) में क्रियान्वित की जा रही है। समस्त नगर निकायों में टाऊन वेडिंग कमेटी (टीवीसी) का गठन कर लिया गया है। नगरीय निकायों द्वारा अद्यतन 651 नगरीय निकायांे द्वारा 283285 पथ विक्रेताओं को चिन्हित कर 157327 पथ विक्रेताओं को पंजीकृत कर लिया गया है, 78911 पथ विक्रेताओं को पंजीकरण प्रमाण पत्र तथा 92491 पथ विक्रेताओं को पहचान पत्र वितरित किये गये है। भारत सरकार द्वारा ऋण हेतु आवेदन आॅनलाइन पोर्टल के माध्यम से लिया जा रहा है। अद्यतन लगभग 40000 पथ विक्रेताओं ने आॅनलाइन पोर्टल के माध्यम से ऋण हेतु आवेदन किया गया है, जिसके सापेक्ष लगभग 5000 पथ विक्रेताओं के ऋण स्वीकृत किये गये है।
श्री टण्डन ने जानकारी दी कि पथ विक्रेताओं के आजीविका में सुधार हेतु यह योजना बहुत ही प्रभावी योजना है, जिसके माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार तत्काल वित्तीय संस्थाओं द्वारा रु0 10,000.00 का ब्याज अनुदान आधारित ऋण आसान किश्तों में वापसी हेतु वृह्द स्तर पर संचालित है। योजनान्तर्गत आॅनलाइन लेनदेन को प्रोत्साहित किये जाने हेतु रु0 50 से लेकर रु0 100 तक प्रतिमाह प्रोत्साहन धनराशि भी अतिरिकत रुप में दिये जाने का प्रावधान है, जिसके दृष्टिगत नगरीय निकायों के पथ विक्रेता अधिक से अधिक संख्या में नगरीय निकाय के माध्यम से योजना का लाभ लेकर अपना जीवन खुशहाल बना सकते है।
नगर विकास मंत्री ने बताया कि समस्त नगर निगम, नगर निकाय, नगर पंचायत तथा समस्त डूडा कार्यालयों के अधिकारियों को इस योजना के लाभ हेतु अपने स्तर से जागरूगता फैलाने के निर्देश दिये है जिससे कि शहरी पथ विक्रेताओं का भारत सरकार के पोर्टल पर अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण हो सके तथा योजना का लाभ प्राप्त करते हुए अधिक से अधिक संख्या में ऋण उपलब्ध कराया जाये। माननीय प्रधानमंत्री जी की कल्पना को पूर्णरूप से साकार करने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार का कृत संकल्प है।

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