सकारात्मक ऊर्जा एवं प्रेरणा के लिए आवश्यक है कि अच्छी पुस्तकें नियमित रूप से पढ़ी जाएँ- दिव्यांशु रंजन

कोरोना संक्रमण काल में शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए भारतीय स्टेट बैंक, प्रशासनिक कार्यालय कानपुर में दिनांक 14-30 सितंबर के मध्य हिन्दी पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में दिव्यांशु रंजन, उप महाप्रबंधक ने हिन्दी दिवस के अवसर पर विद्या की अधिष्ठात्री देवी “माँ सरस्वती” के नाम पर रखे गए “ज्ञानदा पुस्तकालय” का उद्घाटन किया।
2000 से अधिक स्तरीय पुस्तकों से समृद्ध इस पुस्तकालय को बैंक कर्मियों के लिए लोकार्पित करते हुए श्री रंजन ने कहा कि जीवन की भागदौड़, व्यस्तता से उपजी नकारात्मकता से मनुष्य को बाहर निकालने का सबसे अच्छा साधन सत्साहित्य को पढ़ना-पढ़ाना है। वर्तमान समय में लोग सोशल मीडिया की चकाचैंध में पुस्तकों से दूर होने लगे हैं जिसके कारण कहीं न कहीं उनकी चिंतन क्षमता एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होने लगी है। अतः आवश्यक है कि हम पुनः दिन के चैबीस घंटे में से कुछ समय निकालकर पुस्तक पठन की अपनी रुचि को संवर्धित करें क्योंकि पुस्तकों को मनुष्य का सच्चा साथी भी कहा गया है। इस अवसर पर बोलते हुए श्री रंजन ने बताया कि हिन्दी पखवाड़े के दौरान अलग-अलग तिथियों पर स्टाफ सदस्यों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना भी सुनिश्चित है जिसके विजेता प्रतिभागियों को 30 सितंबर को समापन समारोह के दिन पुरस्कृत किया जाएगा।

इस कार्यक्रम के दौरान विश्वनाथ मिश्र, संतोष कुमार, राजीव लोचन, राजेश चैधरी, टीएन शुक्ला, अशोक गोयल, विपिन सिंह, अरविंद गुप्ता, विनय शाक्य, केके साहू, सारिका चतुर्वेदी और संगीता अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों की विशिष्ट उपस्थिति रही। दिवाकर मणि, मुख्य प्रबन्धक (राजभाषा) ने कार्यक्रम का सफल संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन किया।

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