शिक्षा के क्षेत्र में सर सय्यद की सेवायें उल्लेखनीय हैं- मौलाना खालिद रशीद

इस्लामिक सेन्टर आफ इण्यिा में सर सय्यद की शिक्षा सम्बन्धी सेवाओं पर मुजाकिरा हुआ।

सर सय्यद अहमद खाॅ कौम व मिल्लत के सुधार की तहरीक के लीडर थे। उन्होने नयी उर्दू नस्र और तामीरी सहाफत की बुनियाद रखी। उनहोने मुसलमानों को सुझाव दिया कि वह दुनियावी शिक्षा प्राप्त करके देश के अन्य नागरिकों के साथ तामीर व तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ें। इन ख्यालात का इज्हार इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली नाजिम दारूल उलूम फरंगी महल ने किया। वह आज इस्लामिक सेन्टर में ‘‘यौम-ए-सर सय्यद’’ पर एक मुजाकिरो से खिताब कर रहे थे। मौलाना फरंगी महली ने अली गढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सय्यद अहमद खाॅ को शानदार खिराज अकीदत पेश करते हुए कहा कि उस दौर में सर सय्यद अपना अजीम शैक्षिक इंक्लिाब पैदा न करते तो हिन्दुस्तान के मुसलमानों को आज भी शिक्षा के मैदान के अंधेरों में अपना भविष्य तलाश कर रहे होते।
मौलाना फरंगी महली ने कहा कि सर सैय्यद ने 1859 में मुरादाबाद और 1862 में गाजीपुर में मदरसे कायम किये जिनमें दीनी शिक्षा के साथ अंग्रेजी की भी शिक्षा दी जाती थी। उनहोने 1863 में साइंटिफिक सोसाइटी स्थापित की जिसका उद्देश्य नयी शिक्षा को अंग्रेजी से तर्जुमा करके उर्दू और फारसी में बदलना था। उन्होने 1875 में अली गढ़ में मदरसातुल उलूम के नाम से एक मदरसा कायम किया जो बाद में मुहम्मडन एंगलो ओरियन्टल स्कूल फिर कालेज बना। यह कालेज 1920 में दक्षिण ऐशिया की पहली मुस्लिम विश्व विद्यालय बना। यही विश्व विद्यालय एक अजीमुश्शान शैक्षिक संस्था की शक्ल में खिदमत अंजाम दे रही है।
इस्लामिक सेन्टर के महासचिव मौलाना नईमुर्रहमान सिद्दीकी ने कहा कि सर सय्यद अहमद खाॅ 17 अक्तूबर 1817 को देहली के एक सैय्यद घराने में पैदा हुए और 27 मार्च 1898 को अली गढ़ में वफात पायी। 8 दहाईयों पर आधारित इस मुजाहिद तालीम की जिन्दगी का अध्ययन हम सबके लिए बहुत जरूरी है।
मौलाना मो0 मुश्ताक ने कहा कि सर सैय्यद की तालीमी यादगाह अलीगढ़ विश्वविधालय आज अपनी स्थापना की शताब्दी मना रही है। इस विश्वविधालय से निकलने वाले पूरी दुनिया में हर सेवायें अंजाम दे रहे हैं।
मौलाना मो0 नसरूल्लाह ने कहा कि सर सय्यद की यादगार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय हिन्दुस्तान की महान शिक्षा का रौशन मीनार है। इस संस्था की हिफाजत हम सबकी जिम्मेदारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *