उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरू की ई-स्टांपिंग के साथ ही डिजिटल पेमेण्ट करने की व्यवस्था – रवीन्द्र जायसवाल

डिजिटल इण्डिया कार्यक्रम के तहत ईज आॅफ डूईंग बिजनेस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने प्राप्त किया दूसरा स्थान
दानिश खलीली

उत्तर प्रदेश सरकार ने ई-स्टांपिंग के साथ ही डिजिटल पेंमेण्ट करने की भी शुरूआत कर दी है। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को पूरी तरह से पेपरलेस किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश यह व्यवस्था लागू करने वाला दिल्ली के बाद दूसरा प्रदेश बन गया है। यह बातें लोन डाक्यूमेण्ट में डिजिटली स्टाम्प ड्यूटी पेमेण्ट प्रक्रिया का शुभारम्भ करते हुए स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने यूनियन बैंक विभूती खण्ड गोमती नगर एवं इन्डसइन्ड बैंक पार्क रोड लखनऊ में कही।

रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि जनसामान्य द्वारा विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के क्रियान्वयन हेतु जमानत के रूप में बैंक गारण्टी का प्रयोग किया जाता है। वर्तमान में बैक गारण्टी में भौतिक रूप से स्टाम्प शुल्क अदा किया जाता है जिसमें काफी धन व समय का अपव्यय होता है तथा बैंक गारण्टी को जारी करने में समय लगने के कारण जनसामान्य को प्राप्त होने वाली सुविधा समय से प्राप्त नहीं हो पाती है। इस स्थिति के दृष्टिगत जनसामान्य को ईंज आॅफ डूईग के दृष्टिगत ई-बैंक गारण्टी एवं ई-डिजिटल स्टाम्प के माध्यम से त्वरित गति से बैंक गारण्टी उपलब्ध कराने हेतु स्विफ्ट इण्डिया की स्विफ्ट मैसेजिंग प्रणाली एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-स्टाम्प निर्गम हेतु अधिकृत केन्द्रीय अभिलेख अभिकरण स्टाॅक होल्डिंग कारपोरेशन आॅफ इण्डिया लि0 को अधिकृत किये जाने हेतु शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है, जिसके स्वीकृत होने के उपरान्त जनसामान्य को अपने आर्थिक क्रियाकलाप को त्वरित निस्तारण करने में लाभ प्राप्त होगा। आर्थिक क्रियाकलाप में वृद्धि होने से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
प्रदेश सरकार ने डिजिटल इण्डिया कार्यक्रम के तहत ईज आॅफ डूईंग बिजनेस के क्षेत्र में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। इस दिशा में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा अग्रणी भूमिका निभाते हुए पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में डिजिटली हस्ताक्षरित होने वाले बैक लोन सम्बन्धी दस्तावेजों पर डिजिटल ई-स्टाम्प की प्रणाली हेतु नेशनल ई-गर्वनेन्स सर्विसेज लि0 (भारत सरकार की कम्पनी) एवं स्टाॅक होल्डिंग कारेपोरेशन आॅफ इण्डिया लि0 को दिनांक 21 जुलाई, 2020 से अधिकृत किया है। इस प्रणाली से एक तरफ जहाॅं राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी तथा वही दूसरी तरफ जनसामान्य को अपने कारोबार में वृद्धि हेतु त्वरित वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकेेंगे। इस प्रकार यह राज्य और राज्य की जनता की आर्थिक समृद्धि में एक उल्लेखनीय सहायक की भूमिका अदा करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *