बी0सी0 सखियों का चयन आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को पूरा करेगा- मोती सिंह

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एवं चयनित 6 पार्टनर एजेंसी के मध्य 58000 बीसी सखी कार्यक्रम के अनुबंध हस्ताक्षरित
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को सुगम, ससमय, त्वरित एवं सहज बनाने और महिला स्वावलंबन द्वारा प्रदेश की सभी 58000 ग्राम पंचायतों में एक पंचायत एक बीसी सखी की पदस्थापना

बी0सी0 सखियों का चयन आत्म निर्भर भारत की संकल्पना को पूरा करते हुए अन्य राज्यों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह बात उत्तर प्रदेश में 58000 बीसी सखी कार्यक्रम के अनुबंध हस्ताक्षरित एवं आदान-प्रदान करने के कार्यक्रम मे उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री श्री राजेंद्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह ने लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में कहीं।
ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जहां एक ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने में सफलता मिलेगी। इसी के साथ ही निर्धन महिलाओं परिवारों को स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे और आत्म निर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में अहम भूमिका निभायेंगे।
ग्राम विकास मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में ग्रामीण क्षेत्रों की निर्धन महिलाओ को विकास कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता, स्वरोजगार, उद्यमशीलता एवं कौशल विकास द्वारा 46 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को 4.29 लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन द्वारा रोजगार सृजन करते हुए आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है।


अपर मुख्य सचिव, ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की दूरगामी निर्णयों एवं माननीय मुख्यमंत्री के मार्ग दर्शन से ग्राम स्तर पर आजीविका मिशन द्वारा सूक्ष्म वित्त एवं वित्तीय सेवाओ को गति प्रदान करने की दिशा में ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को सुगम, ससमय, त्वरित एवं सहज बनाने और महिला स्वावलंबन द्वारा प्रदेश की सभी 58000 ग्राम पंचायतों में एक पंचायत एक बीसी सखी की पदस्थापना समबन्धित कार्य किया जा रहा है। बैंकिंग सेवाओं के विस्तार अन्य बिभागीय योजनाओ, कार्यक्रमों, बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा समबन्धित सेवाओं को और सुगम बनाने के लिहाज से भी बीसी सखी बैकिंग काॅरस्पाटेंड सखी द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया जा रहा है। वर्तमान में जनपद स्तर पर 5800 से अधिक बीसी सखी का प्रशिक्षण आयोजित कर उनका प्रमाणीकरण आई0 आई0बी0फ0 के माध्यम से करते हुए उनको ग्राम पंचायत स्तर पर पदस्थापित किया जा रहा है।
प्रमुख सचिव आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग ने कहा कि बी0सी0 सखियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निश्चित ही तेजी आएगी।
मिशन निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सुजीत कुमार ने बताया कि बी0सी0 सखी कार्यक्रम को तीव्र गति से रोलआउट किये जाने हेतु मिशन एवं चयनित 6 पार्टनर एजेन्सी के मध्य अनुबन्ध हस्ताक्षरित किये जाने बी0सी0 सखी कार्यक्रम को तीव्र गति से रोलआउट किये जाने हेतु मिशन एवं चयनित 6 पार्टनर एजेन्सी के मध्य अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया है।
मिशन निदेशक ने कहा कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर भारत सरकार द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि 3774 महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों द्वारा बिल कलेक्शन सम्बन्धित कार्य किया जा रहा है। उचित दर की दुकान का संचालन एवं प्रबंधन की दिशा में 1227 दुकान का आवंटन स्वयं सहायता समूह को किया जा चुका है। पंचायती राज बिभाग से अभिसरण के माध्यम से ग्राम स्तर पर कुल 514 विकास खंडो में 11257 ग्राम पंचायतो के सामुदायिक शौचालय का प्रबंधन समूह की महिलाआंे द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान चयनित बीसी सखी, मिशन मुख्यालय के अधिकारी, बैंकिंग संस्थाओं के प्रतिनिधि, आरसेटी के अधिकारी, प्रदेश के समस्त जनपदों के उपायुक्त स्वतः रोजगार, नोडल जिला मिशन प्रबंधक एवं जनपद हरदोई, सीतापुर, लखनऊ एवं उन्नाव जनपद के नोडल ब्लाक मिशन प्रबन्धक मौजूद थे।

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