बैंककर्मियों का धरना व प्रदर्शन को पुलिस की ज्यादती से रोका गया

केन्द्र सरकार बैंको का निजीकरण करने की साजिश रच रही है- योगेन्द्र सिंह

लखनऊ। केन्द्र सरकार द्वारा बैंको का निजीकरण करने के प्रयासों के विरूद्व आज यूनाइटेड फोरम आॅफ बैंक यूनियन्स द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंककर्मियों ने बैंक आफ इण्डिया नवलकिशोर रोड पर धरना एवं प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में आल इण्डिया बैंक आफीसर्स कन्फेडरेशन (आॅयबाक) के महामंत्री दिलीप चैहान ने बताया सरकार देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के नाम पर एकबार फिर अपने कुत्सित प्रयासों में जुट गई है, परन्तु बैंककर्मी पूरी तरह से सजग है, इसके लिये हम हर संघर्ष के लिये तैयार हैं।
स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन (एसबीआईएसए) के मंडल उपाध्यक्ष का0 योगेन्द्र सिंह ने कहा- ‘‘केन्द्र सरकार बैंको का निजीकरण करने की साजिश रच रही है, लेकिन बैंककर्मियों के विरोध के चलते वह सफल नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि अटल पेन्शन योजना, नोटबन्दी, मनरेगा, आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा आदि योजनाएं केवल राष्ट्रीयकृत बैंको के बैंककर्मियों की दक्षता की वजह से सफल हो पाई है।
धरने की अध्यक्षता करते हुये करते हुए फोरम के संयोजक वाई.के.अरोडा ने कहा बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने संगठन यू.एफ.बी.यू. के बैनर तले बैंको के निजीकरण के विरोध में एकजुट हो चुके है हम सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे।
प्रदर्शन को अन्य बैंकनेता सम्बोधित करते इसके पूर्व पुलिसकर्मियों ने वहाॅ उपस्थित सभी बैंककर्मियों को जबरजस्ती धक्कामुक्की कर हटा दिया।
फोरम के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया 1 मार्च से शाखाओं में पोस्टर डिस्पले, 9 मार्च को ट्विटर कैम्पेन किया जायेगा तथा 15 एवं 16 मार्च दो दिनों की देशव्यापी बैंक हड़ताल का आवाह्न किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *