2021 उद्योग के लिए पुनरुद्धार और प्रगति का वर्ष होगा-सतीश महाना,

2020 में उद्योगों को चालू रहने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, लेकिन 2021 उनके पुनरुद्धार और प्रगति पर ध्यान केंद्रित करेगा। ये बातें सी आई आई उत्तर प्रदेश वार्षिक समारोह को सम्बोधित करते हुए उद्योग मंत्री सतीश महाना ने सी आई आई राज्य मुख्यालय गोमती नगर में कही।
उन्होंने कहा कि अब जब राज्य ने रसद और वेयरहाउसिंग क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिया है, तो औद्योगिक दरों पर लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग विकास के लिए भूमि दी जा रही है। श्री महाना ने सरकार के साथ भागीदारी के लिए उद्योग को आमंत्रित किया और निजी औद्योगिक पार्कों में भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने राज्य में व्यापार के माहौल में सुधार के लिए सुझाव और नीतिगत हस्तक्षेप के लिए सीआईआई नेतृत्व से अनुरोध किया।

इस अवसर पर अरविंद कुमार, आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव, अवसंरचना और औद्योगिक विकास, ने कहा कि केंद्र का बजट विभिन्न मोर्चों पर उत्साहवर्धक रहा है। उन्होंने साझा किया कि गंगा एक्सप्रेसवे की समयसीमा निर्धारित की गई है और जून तक काम शुरू होना है। यह बताते हुए कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए रूपांतरण अनुपात लगभग 43फीसदी है।
श्री कुमार ने यह भी कहा कि फिल्म सिटी, लिडा गीडा औद्योगिक हब में तेजी से बदल रहे हैं। इसके अलावा, राज्य में प्रस्तावित टॉय पार्क थोक खिलौना-निर्माण को प्रोत्साहन देगा, जिसका देश बड़े पैमाने पर आयात करता है।
कृषि, विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि यूपी को 1 लाख करोड़ के घोषित फंड का लगभग 12000 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है जिसका उपयोग निवेश पर ऋण के लिए 3फीसदी ब्याज अनुदान के साथ-साथ राज्य में कृषि अवसंरचना के निर्माण के लिए ऋण स्वीकृत करने के लिए किया जाएगा। । आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश का इस क्षेत्र में निजीकरण का उदाहरण देते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निजी क्षेत्र को एग्री इन्फ्रा निवेशों में मुख्य चालक की भूमिका निभानी है क्योंकि एफपीओ और सहकारी समितियां अभी भी उत्तर प्रदेश में विकास का चरण में काफी पहले चरम पर हैं । उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया कि ब्प्प् सरकार के साथ परियोजनाओं की एक जिलेवार शेल्फ तैयार करने के लिए साझेदारी कर सकती है जिसपे उद्यमियों, युवा स्नातक या निजी खिलाड़ियों द्वारा काम किया जा सकता है

उत्तर प्रदेश स्टेट काउंसिल के चेयरमैन और निदेशक, दयाल ग्रुप – अंकित गुप्ता ने सराहना की कि सरकार महामारी के दौरान उद्योगपतियों की चुनौतियों को दूर करने में काफी सहयोगी रही साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं स्टार्ट-उप नीति कि सराहना करते हुए कहा कि ये इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के साथ-साथ राज्य में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में काफी महत्वपूर्ण साबित होंगी ।
सत्र में उद्योगपति, सरकारी अधिकारियों और शिक्षाविदों की प्रतिभागिता रही जो कि इन-पर्सन अथवा डिजिटल मोड के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े।

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