फर्जी लैब मस्त स्वास्थ्य विभाग पस्त

मेरठ सिंदर ब्यूरो चीफ ।
जिले में मरीजों से जांच के नाम पर लूट मची हुई है। शहर से गांव तक बिना पेथॉलोजिस्ट और बिना रजिस्ट्रेशन के अवैध पैथोलॉजी संचालित की जा रहीं है। इसके बावजूद आज तक भी किसी पैथोलॉजी लैब पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इतना ही नहीं इन पैथोलॉजी संचालकों ने सरकारी अस्पतालों को भी हाईजेक कर रखा है। जिले में अधिकांश यह पैथोलॉजी सरकारी अस्पतालों के आसपास व अगलबगल में बैठे हैं। इसके साथ ही कुछ चिकित्सक भी मरीजों को बाहर की लैब पर ही मरीजों को जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।


जिले में 160 पैथोलॉजी लैब का ही पंजीयन स्वास्थ्य विभाग के अभिलेखों में दर्ज है। लेकिन जिले में संचालित पैथोलॉजी की संख्या लगभग 200 से अधिक है। इनमें अधिकांश पैथोलॉजी सरकारी अस्पतालों के आसपास बनी हुई है। जो अस्पतालों को पूरी तरह से हाईजैक किए है। साथ ही कुछ चिकित्सक तो आने वाले मरीजों को निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर ही जांच की सलाह देते हैं। तो वहीं, कुछ संचालक चिकित्सकों के आस पास ही घूमते रहते हैं जो जांच का इशारा मिलते ही मरीज को अपने सेंटरों पर ले जाते हैं। जहां पर जांच के नाम पर मरीजों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। इसके साथ ही कुछ पैथोलॉजी सेंटर संचालक मरीजों से बाहर की जांचों को नाम पर मोटी रकम ले रहे हैं। जो एक हफ्ते या कुछ दिन बाद जांच रिपोर्ट आने का दावा करते हैं। इसी बीच में फर्जी रिपोर्ट जारी कर मरीजों से जांच के नाम पर खिलवाड़ करते हैं। वहीं, इन सेंटरों में मरीजों की खून, मलेरिया, पेशाब की जांच तो सेंटरों का सामान्य कर्मचारी ही कर देता है। जबकि पैथलोजिस्ट के नाम पर तो केवल सेंटर ही चल रहा है। संचालक की आड़ में अन्य कर्मी मरीजों की जांचे कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब स्वास्थ्य विभाग द्वारा किसी भी सेंटर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इस ओर नजर अंदाज बने हुए है। जिसका खामियाजा निर्धन मरीजों को अधिक पैसे देकर भुगतना पड़ रहा है।

हाल में ही इन पैथोलांजी लैब की शिकायत की गई थी।
.एस०डी०आर०लैब गुरुद्वारा रोड
.स्नफ्लोवर लैब आरटीओ ऑफिस
. राइट केयर लैब एल ब्लॉक
.एफ०एस० लैब हापुड़
.24 अवर्स लैब
आरटीओ ऑफिस मेरठ की शिकायत की गई थी जिसको एक माह हो चुका है लेकिन इन पर अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है इन पर जमीनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। बल के कागज जी फॉर्मेलिटी नोटिस द्वारा की जा रही है। और यह लैब अभी तक चल रही है।
डॉक्टर सुधीर कुमार (नोडल अधिकारी)का कहना है कि
एक पैथोलॉजी लैब के एफ.आई.आर कराई है बाकी को नोटिस दिया गया है जांच कर कर कार्रवाई की जाएगी

नहीं मिल रही एक्सरे के साथ रिर्पोट
जिले के अधिकांश एक्सरे सेंटरों पर मरीजों को एक्सरे के नाम पर ठगा जा रहा है। यहां संचालित एक्सरें सेंटर पर मरीजों से एक्सरे का शुल्क तो पूरा लिया जा रहा है। लेकिन मरीज को केवल फिल्म देकर ही भगाया जा रहा है। जबकि रिपोर्ट नहीं दी जा रही है। ऐसे में मरीजों को केवल फिल्म का ही केवल सहारा लेने को मजबूर बने हुए हैं।

नर्सिंग होम में होती सभी जांचे
जिले में संचालित कुछ अस्पताल व नर्सिंग होम में आने वाले मरीजों को चिकित्सक जांच की सलाह देते हैं। लेकिन यह सभी जांचे एक ही छत के नीचे हो जाती है। ऐसे के कुछ नर्सिंग होम व अस्पतालों में मरीजों की जांच अप्रशिक्षित लोगों के द्वारा की जाँच रहीं है। इससे मरीजों के साथ जांच के नाम पर फर्जीवाड़ा कर अवैध रुपये लिए जा रहे हैं।

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