दिल्ली को मिला एक नया फ्लाई ओवर सह-आरओबी

नरेला और बवाना के बीच सुगम कनेक्टिविटी के लिए आरओबी

क्षेत्र में ट्रैफिक की भीड़-भाड़ कम की जाएगी

आने वाले समय में उत्तर पश्चिम दिल्ली के रिहायशी और औद्योगिक केंद्र बनने वाले जा रहे घनी आबादी वाले नरेला और बवाना के बीच कनेक्टिविटी सुगम होगी। इस क्षेत्र में भीड़-भाड़ की समस्या रहती थी क्योंकि रास्ते में रेल फाटक से बाधा आ रही थी। इस फाटक से प्रतिदिन 150 रेलगाड़ियां आती-जाती हैं और फाटक कुछ ही समय खुल पाता है। इस रेल फाटक से 80 हजार कार चालक गुजरते हैं,।यह बातें

केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप एस. पुरी ने नरेला में फ्लाई ओवर सह-आरओबी का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि यह सबसे अधिक व्यस्त रेल क्रॉसिंग में एक है। आरोबी के सीधे भाग की लम्बाई 1680 मीटर है और इसको बनाने में 389 करोड़ रुपए की लागत आई है। यूडीएफ की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा डीडीए की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ आवास तथा शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास कोष (यूडीएफ) से इस परियोजना के लिए राशि प्राप्त हुई है।

हरदीप ने कहा कि नरेला को विकास का एक प्राथमिक क्षेत्र माना गया है और डीडीए, द्वारका की तर्ज पर इसे विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। डीडीए के वार्षिक बजट 2021-22 में, व्यय का एक महत्वपूर्ण घटक नरेला सब-सिटी के विकास के लिए रखा गया था। परिवहन अवसंरचना परियोजनाओं के लिए आवंटन किए गए, जैसे मेट्रो लाइन चरण-प्ट के तहत रिठाला बवाना नरेला कॉरिडोर के लिए डीएमआरसी को अनुदान, के निर्माण और एनएचएआई के माध्यम से दिल्ली में यूईआर सड़क का निर्माण। इसके अलावा, डीडीए नरेला में विभिन्न आवासीय परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है।
इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल तथा उत्तर-पश्चिम दिल्ली के संसद सदस्य हंसराज हंस उपस्थित थे। समारोह में आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्र तथा दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन भी मौजूद थे।

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