ओ.टी.एस. आवेदन पत्रों के निस्तारण में देरी होने पर चेतावनी नोटिस जारी

लखनऊ विकास प्राधिकरण में एकमुश्त समाधान योजना (ओ.टी.एस.) के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों के निस्तारण के सम्बन्ध में उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने सोमवार को समीक्षा बैठक की। आवेदन पत्रों का समय से निस्तारण नहीं होने पर उन्होंने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्हांेने नजूल अधिकारी आनन्द कुमार सिंह से लिखित स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही कुछ अन्य अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी किया। उन्होंने ओ.टी.एस. के मामलों को जल्द से जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिये हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान कुल 465 ओ.टी.एस. आवेदन पत्र लम्बित बताये गये। जिसमें से सर्वाधिक 274 आवेदन पत्र नजूल अधिकारी के लम्बित थे। इस पर उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने नजूल अधिकारी को इतने अधिक आवेदन पत्र लम्बित होने का कारण स्पष्ट करने और अगली बैठक तक इनका निस्तारण करके सूचना प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। इसके अलावा अन्य समस्त सम्पत्ति अधिकारियों को अपनी-अपनी योजनाओं के अवशेष लम्बित आवेदनों को एक सप्ताह में निस्तारित करने के निर्देश दिये गये। बैठक में सम्पत्तियों अधिकारियों द्वारा निस्तारित आवेदन पत्रों की संख्या तथा उसके सापेक्ष जारी मांग एवं मांग के सापेक्ष जमा धनराशि का अधूरा विवरण दिया गया। इस पर उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में पूर्ण सूचना सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। साथ ही जिन अधिकारियों द्वारा सही विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया, उपाध्यक्ष ने उनके खिलाफ चेतावनी जारी करने के निर्देश दिये। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगली बैठक में इसकी पूर्ण सूचना प्रस्तुत नहीं की गई तो उनको प्रतिकूल प्रविष्टि दी जायेगी। उन्होंने आॅफलाइन ओ.टी.एस. आवेदनों को आॅनलाइन किये जाने के सम्बन्ध में सम्पत्ति अधिकारियों द्वारा विवरण प्रस्तुत न किये जाने पर सभी के खिलाफ चेतावनी जारी करने के निर्देश दिये।
उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने ओ.टी.एस. में आवेदन करने वाले आवंटियों के अतिरिक्त डिफाल्टर आवंटियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिये। इस सूची में आवंटी का नाम, आवंटन तिथि, सम्पत्ति की कीमत, जमा धनराशि, बकाया धनराशि, जारी नोटिस एवं निरस्तीकरण के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही आदि का विवरण अंकित किया जाये।

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