भारत के मुसलमानों को तालिबान से जोड़ना प्रवीण तोगड़िया का विवादित बयान -मौलाना असद मदनी

जलीस गाजीं {ब्यूरो चीफ}

सहारनपुर | देवबंद

विश्व हिंदू परिषद वीएचपी के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉक्टर प्रवीण तोगड़िया ने एक बार फिर विवादित बयान दिया उन्होंने तबलीगी जमात को तालिबान की मां और दारुल उलूम देवबंद को तालिबान का बाप कहा और जमीयत उलेमा हिंद को तालिबान का रिश्तेदार कहां और उनको बंद करने की मांग की प्रवीण तोगड़िया को जवाब देते हुए जमीयत उलेमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वह दारुल उलूम देवबंद के उस्ताद मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा हमने मुल्क की आजादी के लिए कुर्बानियां दी तुमने इस मुल्क को क्या क्या दिया यह बताओ करीब 10 मिनट के जारी अपने की वीडियो संदेश में मौलाना मदनी ने कहा कि मेरे दोस्तों ने मुझे डॉक्टर तोगड़िया का प्रेस कॉन्फ्रेंस वाली एक वीडियो भेजी जिसमें वह जमीयत उलेमा ए हिंद तबलीगी जमात और दारुल उलूम देवबंद को तालिबान का रिश्तेदार बता रहे हैं वही मौलाना मदनी ने कहा कि उन्होंने यह नहीं बताया जमीयत उलेमा हिंद के साथ तालिबान का कैसा रिश्ता है चाचा का खालू का मामा का किसका है मुझे इस बात पर आश्चर्य होता है तबलीगी जमात को तालिबान के साथ जोड़ा गया बल्कि यह एक ऐसी जमात है जो यह बताती है के मरने के बाद क्या होगा जन्नत में कैसे जाया जा सकता है जहन्नुम से कैसे बचा जा सकता है इसके अलावा उनको कुछ नहीं पता जमीन पर क्या हो रहा है क्या चल रहा है फिर भी उनको तालिबान से जोड़ा जा रहा है वही दारुल उलूम देवबंद को भी बंद करने की बात कही जा रही है मौलाना मदनी ने कहा है कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं डॉक्टर तोगड़िया को दारुल उलूम देवबंद की तारीख भी मालूम नहीं होगी मैं बताता हूं दारुल उलूम देवबंद सन 1886 में उस वक्त बना. जब 1857 के जिहाद जिसमें हिंदू और मुसलमान दोनों को असफलता मिली विशेष रूप से मुस्लिम मुजाहिद्दीन जो गुलामी के खिलाफ युद्ध कर रहे थे उनको फांसी दी गई हजारों उलेमा इकराम का कत्ल किया गया उनकी लाशों को पेड़ों पर लटकाया गया तब जाकर दारुल उलूम देवबंद बना शेख उल हिंद मौलाना महमूद उल हसन यही से पढ़कर निकले थे जिनके बारे में मिस्टर मिसटन कहां था के शेख उल हिंद को जलाकर राख कर दिया जाए तो उस राख से भी अंग्रेजों के विरोध की बू आएगी वह ऐसा आदमी है जो माल्टा की जेल तक पहुंच गया? अंग्रेजों ने गिरफ्तार करके सात समंदर पार भेज दिया पौने 4 साल तक शेख उल हिंद मौलाना महमूद उल हसन माल्टा की जेल में कैद करके रखा गया मौलाना अजीज गुल हकीम नुसरत हुसैन जैसे देवबंद के सपूत माल्टा की जेल में रहे जेल में ही मर गए लेकिन अंग्रेजों से कभी भी माफी नहीं मांगी मौलाना मदनी ने कहा कि मैं डॉक्टर तोगड़िया से पूछना चाहता हूं के आप दारुल उलूम देवबंद को बंद कराना चाहते हो तो मैं यह पूछना चाहता हूं आपने इस मुल्क की आजादी के लिए क्या-क्या किया अंग्रेजों की गुलामी की जंजीर तोड़ने के लिए आपने क्या भूमिका निभाई क्या आपके पूर्ववर्तियों की क्या भूमिका रही मौलाना मदनी ने कहा जुबान की लीपापोती तो बहुत है आज रोटी पकी पकाई आपको मिल गई है तो आप इस देश के अंदर डॉक्टर तोगड़िया बने हुए हैं लेकिन मैं यह समझता हूं कि आप को समझना चाहिए इतिहास के पन्नों को भी पलटना चाहिए आपको नजर आएगा जिन लोगों ने इस मुल्क की आजादी के लिए अपने आप को त्याग कर दिया नाै नाै दस दस साल तक जेल में काटे मौलाना मदनी सहारनपुर माल्टा मुरादाबाद बरेली इलाहाबाद जेल में रहे मौलाना हिफजुर रहमान साबरमती जेल में रहे यह वही लोग हैं जिनको दारुल उलूम देवबंद ने पैदा किया था मैं डॉक्टर तोगड़िया साहब से कहना चाहता हूं कि आप भी एक आधा उदाहरण बताएं जो इस मुल्क की आजादी के लिए क्या हो आपको यह आजाद मुल्क मिल गया और आपको आगे बढ़ा दिया गया इसलिए आप यह बात कर रहे हो लेकिन यह बात सच्चाई के खिलाफ इस देश में जहां भी जब भी संकट की घड़ी आई है तब तब जमीयत उलेमा ए हिंद ने आगे बढ़कर साथ दिया है जमीयत उलेमा ए हिंद कभी भी धर्म के आधार पर दो राष्ट्र सिद्धांत नहीं मानती इस मुल्क के अंदर रहने वाले सब एक ही कैाम है. जमीयत उलेमा हिंद इस आधार पर जो भी काम करती है उसमें कभी भी अंतर नहीं करती मौलाना मदनी ने कहा कि हम आज भी काम कर रहे हैं हम केरला के अंदर काम कर रहे हैं एक मकान ₹4 लाख की लागत से तैयार हो रहा है हम यह मकान हिंदू को भी दे रहे हैं ईसाई को भी दे रहे हैं और मुस्लिम को भी दे रहे हैं हमने किसी के साथ भी उसके मजहब के आधार पर काम नहीं किया डॉक्टर साहब आप बताएं आप ने हिंदुओं के लिए काम किया है तो मुसलमानों के लिए आपने क्या किया

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