संवाद न होने से संवेदन हीनता पैदा होती है-अजय कुमार खन्ना

रक्तदान के माध्यम सामाजिक दायित्वो का निर्वहन करते हुए एसबीआई का मनाया स्थापना दिवस
भारतीय स्टेट बैंक मानव संसाधन की पहल सखी संवाद और सम्भल
पूजा श्रीवास्तव


कारोना काल के अंदर कनेक्ट दूर हो गया था और संवाद नहीं हो पा रहा था हमें संवाद फिर से ग्राहकों स्टाफ और पूर्व स्टाफ के साथ करना पड़ेगा संवाद ना होने से संवाद हीनता बढ जाती है और इसका असर ब्रांच के साथ ही साथ ग्राहकों और समाज में फैल जाता है हमें हफ्ते में कम से कम एक बार ब्रांच स्तर पर ग्राहकों और स्टाफ के साथ संवाद करना चाहिए तभी हम अपनी कमियों और अपनी अच्छाइयों को पहचान सकेंगे और उसको आगे बढ़ा सकेंगे। यें बातें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 67वां स्थापना दिवस के मौके पर भारतीय स्टेट बंैक लखनऊ सर्किल के महा प्रबंधक अजय कुमार खन्ना ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान गोमती नगर में कहीं।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 बहुत से परिवर्तन आए हैं जिसमें डिजिटल और नेटवर्क की महत्वपूर्ण पहचान की गई है लॉकडाउन के दौरान जहां सारी चीजें ठहर गई थी वही बैंकिंग नेटवर्क समाज के अंतिम छोर के आदमी को भी बैंकिंग गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। डिजिटल केवाईसी बाद वीडियो केवाईसी एक आमूलचूल परिवर्तन लेकर आया है आज आप अपने घर पर रहिए और वीडियो केवाईसी के माध्यम से आपका खाता खुल जाएगा आपकी पहचान हो जाएगी साथी जो रिटायर लोग हैं उनका वेरिफिकेशन हो जाता है यह एक बहुत बड़ा डिजिटल का फायदा मिला है।
महाप्रबंधक ने कहा कि लोन की जब भी जरूरत हो योनो एप के माध्यम से 2 से 5 मिनट में अंदर ही मिल जाता है तकनीकी का आगमन हुआ था उस वक्त उस को विरोधी माना जाता था आज उसकी वजह से दशा ही बदल गई है।
अजय कुमार खन्ना ने कहा कि लखनऊ सर्कल का मानव संसाधन द्वारा अनोखी पहल संवाद सखी और संभल की वजह से महिला कर्मचारी कर्मचारी और ग्राहक और मुसीबत ज्यादा बैंक कर्मचारी अधिकारी की मदद हो सकी जिसकी वजह से हम अपने आप को दूसरों से बेहतर करने के लायक बन सके
मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि सामाजिक दायित्व के तहत मुख्यमंत्री के करीब कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में जो स्मार्ट क्लासेज बनाने का अभियान भारतीय स्टेट बैंक ने शुरू किया था वह आज मुख्यमंत्री सहित उत्तर प्रदेश की सरकार को सबसे प्रिय है और वें चाहते हैं कि हम शिक्षा के क्षेत्र में और ज्यादा से ज्यादा काम करें।

अजय कुमार खन्ना ने कहा कि समाज के प्रति हमारे चार दायित्वों में से पहला दायित्व ग्राहकों के प्रति है जिसके लिए हमारी सभी शाखाओं में ग्राहक संबंध कार्यक्रम (सीआरपी) का आयोजन किया गया जिसमें बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मानित ग्राहकों को ग्राहक अनुकूल पहलों के साथ एसबीआई के गौरव पूर्ण इतिहास से भी अवगत कराया। हमारा दूसरा दायित्व समाज के प्रति होता है जिसके लिए बैंक द्वारा एक रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया जिसमे समस्त मण्डल के 1000 से अधिक बैंक स्टाफ ने रक्त दान किया। तीसरा दायित्व हमारे स्टाफ के प्रति है उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए बैंक में कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा कर्मचारियों के लिए डेस्क योगा का आयोजन किया गया। हमारा चैथा दायित्व बच्चों एवं नौजवानों के प्रति है जो हमारे देश का भविष्य हैं इसके लिए शाखा के अधिकारी गणों ने विद्यालयों में जा कर छात्रों को वित्तीय साक्षरता की जानकारी दी एवं बैंक के बचत बैंक उत्पाद – पहला कदम और भारत सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना तथा एजुकेशन लोन एवं आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के बारे में बताया। सामाजिक दायित्यों का निर्वहन करते हुए स्थानीय प्रधान कार्यालय में दान उत्सव का भी आयोजन किया गया ।
महाप्रबंधक ने कहा कि आज का दिन डॉक्टर दिवस के रूप में भी मनाया जाता है । इस उपलक्ष्य में बैंक अधिकारियों ने डोक्टर्र्स से भेंट कर डॉक्टर दिवस की शुभकामनायें दीं ।

श्री खन्ना ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक का ध्येय ग्रहकोंमुखी उत्पादों द्वारा उत्कृष्ट ग्राहक सेवा प्रदान करते हुए ग्राहकों का विश्वास अर्जित करना है। हमारा यह भी प्रयास होता है कि उनकी वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ निवेश का उचित प्रतिफल प्राप्त होता रहे । हमें लोगों की सेवा करने में खुशी महसूस होती है और हमारे सभी प्रयासअपने ग्राहकों के हित को ध्यान में रख कर किए जाते हैं । हम अपने ग्राहकों का उनके निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हैं ।
बैंक दिवस के अवसर पर बैंक कर्मियों द्वारा इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे ।