राजभाषा हिंदी के प्रचार प्रसार में बैंकों, बीमा कम्पनियों एवं वित्तीय संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है- बाबूलाल मीना

चंदन पांडेय
राजभाषा हिंदी के प्रचार प्रसार में बैंकों, बीमा कम्पनियों एवं वित्तीय संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। यें बातें दिल्ली बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 56वीं छमाही बैठक के दौरान केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के निदेशक (कार्यान्वयन), बाबूलाल मीना ने नई दिल्ली में कही।
पंजाब नैशनल बैंक ने दिल्ली बैंक नराकास एवं सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा),मनीषा शर्मा, दिल्ली बैंक नराकास की गतिविधियों एवं नवोन्मेषी कार्यों से सभी को अवगत करवाया एवं राजभाषा के उत्थान के लिए सभी से निरंतर प्रयास करने हेतु अनुरोध किया।
बैठक के दौरान दिल्ली बैंक नराकास की गृह पत्रिका “बैंक भारती” के 27वें अंक का विमोचन भी किया गया।
द्वितीय सत्र में, दिल्ली बैंक नराकास के स्टाफ सदस्यों ने गीत गायन द्वारा सबको मंत्रमुग्ध किया। विजयी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु पुरस्कृत भी किया गया।
बैंक नराकास एवं अंचल प्रबंधक (दिल्ली) अध्यक्ष-दिल्ली समीर बाजपेयी, ने कहा कि हमें हिंदी में कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करना चाहिए क्योंकि वही बैंक के काम-काज का आधार हैं। साथ ही, हम सबको अपनी भाषा बोलने एवं लिखने में गर्व महसूस करना चाहिए। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों से अनुरोध किया कि वे राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक विकास के लिए हरसंभव प्रयास करें ताकि दिल्ली बैंक नराकास, सर्वश्रेष्ठ नराकासों में अपना स्थान को उच्च से उच्चतम की ओर ले जा सकें।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन पंजाब नैशनल बैंक मुख्य प्रबंधक बलदेव कुमार मल्होत्रा,, द्वारा किया गया। अंत में बैंक ऑफ इंडिया अंचल कार्यालय मुख्य प्रबन्धक सरताज मोहम्मद शकील, दिल्ली द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही बैठक सम्पन्न हुई।
विशिष्ट अतिथि के रूप में कुमार पाल शर्मा, उप निदेशक(कार्यान्वयन), भारत सरकार, गृह मंत्रालय, उत्तरी क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय-प् (दिल्ली) ने उपस्थित होकर बैठक की शोभा बढ़ाई। बैठक में दिल्ली बैंक नराकास के सभी 48 सदस्य बैंकों बीमा कंपनियों वित्तीय संस्थानों के स्थानीय कार्यालय प्रमुख व राजभाषा प्रभारी भी मौजूद रहे।