‘‘सही पोषण – देश रोशन, नहीं रहे कहीं कुपोषण’’ का संदेश

15 प्रतिभागी पुरस्कृत

आजमगढ़। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय, केंद्र सरकार, आजमगढ़ द्वारा आजमगढ़ नगर पालिका में स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आजादी का अमृत महोत्सव में पोषण माह विषय पर एक जन जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रश्नोंत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी आजमगढ़ मनोज मौर्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘‘सही पोषण-देश रोशन’’ है। यदि किसी व्यक्ति को लम्बे समय तक शरीर के लिए आवश्यक सन्तुलित आहार नहीं मिलता है, तो वह कुपोषण का शिकार हो जाता है। हमारे देश में गरीबी, अज्ञानता और निरक्षरता भी कुपोषण का एक महत्वपूर्ण कारक है। धन की कमी से लोग पर्याप्त पौष्टिक चीजे जैसे दूध, फल, घी इत्यादि नहीं खरीद पाते है। जिसके कारणवश वह कुपोषण का शिकार होते है। उन्होंने आगे कहा कि कुपोषण के कुछ लक्षण जैसे-शरीर की वृद्धि रूकना, कार्य करने पर शीघ्र थकान आना, मांसपेशियों का ढ़ीला होना अथवा सिकुड जाना, मन में उत्साह का अभाव, चिडचिड़ापन, शरीर का वजन कम होना, कमजोरी, नींद और पाचन क्रिया का गड़बड़ होना आदि है। उन्होंने कहा की सरकार कुपोषण को दूर करने के लिए लगातार प्रयासरत है और इस दिशा में व्यापक कदम उठा रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्यूरो के अधिकारी तारिक अजीज कहा कि पोषण व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जैसे स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है, वैसे ही हमारे दैनिक आहार में लवण, विटामिन, प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों का होना जरूरी है। एक सही पोषण होने पर आप कई बीमारियों से भी बचे रहते हैं। जब आप मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन करते हैं, तो ये आपकी सेहत के लिए अच्छा रहता है। इंसान के शरीर को कई बीमारियां इसलिए होती हैं जब उसका खान-पान गलत होता है और उसकी दिनचर्या भी गलत होती है। यही वजह है की वह बीमार जल्दी पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों और स्त्रियों के अधिकांश रोगों की जड़ में कुपोषण घेंघा रोग, बच्चों में सूखा रोग, रतौंधी और यहा तक अंधत्व भी कुपोषण का ही दुष्परिणाम है। उन्होंने बताया की केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुपोषण को खत्म करने के अभियान चला रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों के मध्य आज़ादी के अमृत महोत्सव में पोषण माह के थीम पर प्रश्नोंत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें सही उत्तर देने वाले 15 विजेता प्रतिभागियों कर्णिका, शिवांश, अंजली, श्रीराम, प्रिन्सी, तुषार, आराध्या, सक्षम, रुद्र, अंशिका, श्वेता, आराधना, साक्षी, शताक्षी, आर्यन को विभाग की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

 इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रचार सहायक रामखेलावन, जय प्रकाश, विजय पांडेय, दीपमाला, कशिश, मनोज सिंह, रीना, नीलम, साधना चतुर्वेदी सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।