इनोरेल इंडिया 2022 में दुनिया भर से 125 कंपनियों ने भाग लेना रेलवे उद्योग की समग्र प्रगति और विकास और भारतीय रेल बाजार में उनकी बढ़ती रुचि को दर्शाता है-संजीव भूटाना

पूजा श्रीवास्तव

इनोरेल इंडिया 2022 में दुनिआ भर से 125 कंपनियों ने भाग लिया है जो की रेलवे उद्योग की समग्र प्रगति और विकास और भारतीय रेल बाजार में उनकी बढ़ती रुचि को दर्शाता है। यें बातें सी.आई.आई इनोरेल इंडिया 2022 के 5वें संस्करण का आयोजन के दो दिवसीय सम्मेलन तथा प्रदर्शनी का उदघाटन आरडीएसओ महानिदेशक संजीव भूटाना ने आरडीएसओ स्टेडियम ग्राउंड, लखनऊ, में कहीं

महानिदेशक संजीव भूटाना ने कहा कि भारतीय रेलवे का 100 फीसदी विद्युतीकरण प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि आरडीएसओ ने पिछले 2 वर्षों में अपने इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम और वर्क कल्चर को काफी अपग्रेड किया है और अब आरडीएसओ में 10 अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वंदे भारत 2.0 वैगन को आरडीएसओ द्वारा उच्च सुरक्षा के साथ डिजाइन किया गया है। आरडीएसओ बीआईएस के वन नेशन वन स्टैंडर्ड मिशन के तहत मानक विकास संगठन (एसडीओ) के रूप में मान्यता प्राप्त करने वाला पहला संस्थान बन गया है।

इनोरेल 2022 अध्यक्ष मंगल देव ने कहा कि यदि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों के सन्दर्भ में देखा जाए तो भारतीय रेलवे संभवतः भारत में सबसे बड़ा तथा दुनिया में चौथा सबसे बड़ा नियोक्ताओं है। तकनिकी मामलों में भारतीय रेल तेजी से आगे बढ़ रही है। इस उपलब्धि के लिए आरडीएसओ धन्यवाद के पात्र है जिसने रेलवे के सन्दर्भ कई प्रभावशाली तथा लागत प्रभावी और स्वदेशी समाधान सम्बन्धी उपाए पहले ही लागू कर दिए हैं और कई अन्य पाइपलाइन में हैं।

सी.आई.आई. उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और टेक्निकल एसोसिएट्स लिमिटेड के निदेशक विनमरा अग्रवाल ने कहा कि भारतीय रेलवे तथा आरडीएसओ ने हमेशा आम आदमी की परिवहन जरूरतों को पूरा करने में एक अनूठी भूमिका निभाई है, साथ ही साथ माल की ढुलाई के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा सुविधा प्रदान किया है। इनोरेल इंडिया भारतीय रेलवे को एक नवोन्मेषी भविष्य की ओर ले जा रहा है। यह आयोजन प्रदर्शकों के लिए आरडीएसओ और भारतीय रेलवे की अन्य सभी उत्पादन इकाइयों को प्रौद्योगिकी, सेवाओं आदि के क्षेत्रों में नवीनतम नवाचारों को प्रदर्शित करने का एक अवसर है।

ट्रांसपोर्ट, हिताची एनर्जी, स्विट्जरलैंड सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड इंडस्ट्री नेटवर्क लीडर थिएरी लैसस ने कहा कि बिजली की मांग वर्तमान खपत से 2030 तक कई गुना बढ़ जाएगी। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसी मांगों को पूरा करने के लिए हिताची एनर्जी रेल परिवहन की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत में 2030 तक ट्रांसफार्मर स्थापित करने की प्रक्रिया में है।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि झासी, मेरठ, प्रयागराज के लिए यूपी मेट्रो रेल निर्माण पूर्ण चरण में है जबकि कुछ अन्य शहरों में मंजूरी के लिए पाइपलाइन में है। उन्होंने कहा की यूपी मेट्रो के पास लखनऊ में मेट्रो स्टेशनों को सबसे तेजी से पूरा करने का रिकॉर्ड है और रेल क्षेत्र में उन्नत तकनीक के कारण यह एक वास्तविकता बन गई है। हरित प्रौद्योगिकी के समावेश से शुद्ध भू कार्बन उत्सर्जन 2030 तक काफी हद तक कम हो जाएगा।

उद्घाटन सत्र के अंत आरडीएसओ रिसर्च ईडी अमित श्रीवास्तव ने कहा कि इनोरेल इंडिया के पांचवें संस्करण का आयोजन करने और रेल क्षेत्र के सहयोगी और प्रगतिशील विकास के लिए उद्योग को एक मंच पर लाने के लिए सी.आई.आई को धन्यवाद दिया। उन्होंने प्रदर्शनी में नवीनतम तकनीकों और अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित करने के लिए सभी प्रदर्शकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने इनोरेल इंडिया प्रदर्शनी में उपस्थिति के लिए सभी प्रतिनिधियों को भी धन्यवाद दिया।

गौरतलब है कि भारतीय उद्योग परिसंघ (सी.आई.आई) ने अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ), के सहयोग से लखनऊ में सी.आई.आई इनोरेल इंडिया 2022 के 5वें संस्करण में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों पर केंद्रित तकनीकी सेमिनार भी आयोजित कर रहा है ताकि उद्योग के लिए आरडीएसओ और भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों के साथ साथ निजी क्षेत्र के खिलाड़ियों के मध्य व्यापार एवं अनुसन्धान संबधित समन्वय स्थापित किया जा सके
इन टेक्निकल सेमिनार्स में मुख्यता हाई स्पीड रेल, अर्बन मास एंड इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन, रेलवे वैल्यू चेन में उभरते अवसर – बिजनेस फॉर द बिजनेस और कंडीशन मॉनिटरिंग एंड प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस, आरएएमएस और पीएचएम इन रेलवेश् जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा।
रेलवे, अनुसंधान एवं विकास, सरकार और उद्योग जैसे विभिन्न संबंधित क्षेत्रों से 2000 से अधिक प्रतिनिधियों के इनोरेल 2022 में आने की उम्मीद है।