पिछले छः सालों में सहकारिता विभाग में एक भी भर्ती नहीं हुई है- जे पी एस राठौर

यू.पी.सी.बी. बी. में डिजिटलीकरण से पारदर्शिता आयेंगी साथ ही किसनों का भरौसा बढ़ेगा- बी.के. मिश्र

वित्तीय समावेशन, पैक्स का डिजिटलीकरण और सुदृढ़ सहकारी डेटाबेस विषय पर गोष्ठी का आयोजन

कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही एवं सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर की उपस्थिति में 69 वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का समापन

पूजा श्रीवास्तव

हमारे देश में वित्तीय समावेशन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन लोगों तक आसानी से तथा कम लागत के साथ वित्तीय सेवाओं को पहुंचाना है, जो अभी तक इससे अछूते है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि पिछली योगी सरकार और इस बार की योगी सरकार में सहकारिता विभाग में एक भी भर्ती नहीं हुई है। उनका कहना था कि जांच चल रही है। यें बातें 69वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के समपान दिवस के अवसर पर सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने सहकारिता भवन के पीसीयू सभागार में कही।

14 से 20 नवम्बर, 2022 तक चलने वाले 69 वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के आखिरी दिन सहकारिता भवन के पीसीयू सभागार में उ0प्र0 को-ओपरेटिव बैंक लि0 तथा उ0प्र0 सहकारी ग्राम विकास बैंक लि0 के संयुक्त तत्वाधान में वित्तीय समावेशन, पैक्स का डिजिटलीकरण और सुदृढ़ सहकारी डेटाबेस विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी का शुभारम्भ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही तथा सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जेपीएस राठौर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा कि देश की टॉप टेन कोआपरेटिव बैंंक में यूसीबीसी मौजूदगी के साथ साथ सहकारिता बैंकों के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के बाद उन बैकांे से जुडे़ ग्राहकों को भरौसा कायम किया है जोकि एक नायाब कोशिश है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र आने वाले समय में नई ऊँचाईयों तक पहुंचेगा। उ0प्र0 के सहकारिता विभाग को देश में नं-01 बनाने का संकल्प लिया गया और हम इस संकल्प को शीघ्र ही पूर्ण कर लेंगे।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि को-आपरेटिव बैंकिग को सुदृढ किया जा रहा है, उन्होने इसके लिए नाबार्ड तथा आरबीई से सहयोग की अपेक्षा की। श्री राठौर ने कहा कि सहकारिता को गांव-गांव तक पहुंचाना है, जिससे इसका लाभ अंतिम पायदान के व्यक्ति को भी मिल सके, इसमें कई समस्यायें एवं चुनौतियों सामने आयेंगी लेकिन अगर हम मन में संकल्प ले लें, तो कोई कार्य मुश्किल नहीं होगा। श्री राठौर ने कहा कि प्राथमिक सहकारी समितियों (पैक्स) को सक्रिय किये जाने तथा डिजिटलीकरण का कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक पैक्स पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जायेगी तथा इनको बहुउद्देशीय बनाया जायेगा। सभी पैक्स का डेटाबेस आधुनिक तरीके से तैयार किया जा रहा है।

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जनधन योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों के खाते खोले गये है। योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी के खाते में भेजा जा रहा है।

कृषि मंत्री ने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छा कार्य कर रही है। कृषि अवस्थापना निधि (ए.आई.एफ.) सहकारी क्षेत्र को और अधिक मजबूती दे सकता है। उन्होने कहा कि अधिक से अधिक पैक्स समितियों को सक्रिय करने कि आवश्यकता है, जिससे कि आत्मनिर्भर ग्रामीण क्षेत्र को खड़ा किया जा सके। आत्मनिर्भर गांव एवं आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए सहकारिता की साख को मजबूत करना पड़ेगा। उन्होने सहकारिता विभाग द्वारा संचालित किये गये साप्ताहिक कार्यक्रम की बधाई एवं शुभकामनायें दी।

प्रमुख सचिव सहकारिता बी.एल.मीणा ने कहा कि सहकारिता विभाग में स्टाफ की अधिकता की वजह से इस लाभ की स्थिति कमजोर बनी हुई है क्योंकि ओवरलेपिंग की वजह से स्टाफ काम नहीं कर पा रहा है जिसका असर साफ तौर पर सहकारिता में दिखता है।

महाप्रबंधक नाबार्ड संजय कुमार बोरा ने कहा कि आज को-ओपरेटिव बैंक की सेवायें गांव-गांव तक पहुंच रही है।
गोष्ठी को क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक डा0 बालू केनचप्पा, पूर्व मुख्य प्रबंधक नाबार्ड के.के. गुप्ता, सभापति एल.डी.बी. सन्तराज यादव, सभापति यू.पी.सी.बी. तेजवीर सिंह तथा उप सभापति यू.पी.सी.बी. जितेन्द्र बहादुर सिंह ने संबोधित किया। इस अवसर पर उ0प्र0 ग्राम सहकारी बैंक के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र तथा कृषि अवस्थापना निधि (ए.आई.एफ.) के लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र दिया गया।
गोष्ठी में विशेष सचिव सहकारिता अच्छेलाल यादव, अपर आयुक्त एवं अपर निबन्धक (प्रशासन) के.पी.सिंह, प्रबन्ध निदेशक एल.डी.बी. आर. के. कुलश्रेष्ठ, प्रबन्ध निदेशक यू.पी.सी.बी. बी.के. मिश्र आदि मौजूद रहे।