Sun. Jul 12th, 2020

सूरत स्मार्ट सिटी कोविड-19 के प्रबंधन और कंटेनमेंट के लिए प्रमुख आईटी पहल की

सूरत नगर निगम (एसएमसी) ने कोविड-19 से लड़ने के लिए विभिन्न तरह की पहल की हैं। सूरत नगर निगम ने एसएमसी कोविड-19 ट्रैकर सिस्टम विकसित किया है जिसमें एक वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन शामिल है। इसका नाम “एसएमसी कोविड-19 ट्रैकर” दिया गया है। इसकी मदद से विदेश से आने वाले, अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले या कोविड-19 से संक्रमित मरीज के सीधे संपर्क में आने वालों के बारे में पता लगाया जाता है। यात्रियों और अन्य व्यक्तियों का विवरण विभिन्न स्रोतों के माध्यम से एकत्र किया जाता है मसलन एसएमसी वेबसाइट पर स्व घोषणा पत्र, हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त कॉल, अंतरराष्ट्रीय यात्री की जानकारी प्राप्त करना आदि। एप्लिकेशन की कार्य प्रणाली के बारे में संक्षिप्त जानकारी नीचे दी गई हैः-

  1. एसएमसी ने www.suratmunicipal.gov.in पर स्व घोषणा पत्र प्रकाशित किया है, जहां कोई भी शख्स अपने बारे में जानकारी मुहैया करा सकता है जिसमें विदेश या अंतरराज्यीय यात्रा, अथवा वह किसी कोरोना संक्रमित मरीज के सीधे संपर्क में आया है तो उसके बारे में जानकारी मुहैया कराई जाती है। इस जानकारी साझा करने के साथ ही एसएमसी अमुक शख्स को यूनिक ट्रैकर आईडी भेजेगा और एसएमसी कोविड-19 ट्रैकर मोबाइल एप्प डाउनलोड करने को कहेगा।
  2. एसएमसी ने एक हेल्पलाइन नंबर 1-800-123-800 भी शुरू किया है जहां नागरिक यात्रियों या संदिग्धों के बारे में विवरण साझा कर सकता है। विवरण का सत्यापन स्वास्थ्य अधिकारियों सहित एसएमसी टीम द्वारा किया जाता है। एक फ़ील्ड टीम स्थान का दौरा करती है और यदि हेल्पलाइन पर दिए गए विवरणों का सत्यापन किया जाता है, तो व्यक्ति को होम क्वारनटीन में रहने के लिए कहा जाता है, और उन्हें विशिष्ट ट्रैकर आईडी भी सौंपी जाती है और एसएमसी कोविड-19 ट्रैकर मोबाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।
  3. लोगों को अपने स्वास्थ्य के बारे में एसएमसी कोविड-19 ट्रैकर ऐप के माध्यम से दिन में दो बार प्रश्नावली (सुबह 10 बजे और शाम 9 बजे) भरना है। प्रश्नावली में तीन प्रश्न दिए गए हैं जिसमें लोगों से पूछा जाता है कि क्या उन्हें बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई है। इस प्रश्नावली के साथ, व्यक्ति को अपनी सेल्फी (फोटो) भी भेजनी होती है। यदि कोई भी व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के संबंध में प्रश्नावली भरता है, तो सबसे पहले फोन किया जाता है और यदि आवश्यक हुआ तो लोगों को आवश्यक जांच और उपचार के लिए पास की स्वास्थ्य केंद्र पर जाने के लिए कहा जाता है।
  4. ऐप के सफल इंस्टॉलेशन के बाद लोगों को यह सुनिश्चित करने के लिए हर घंटे अपना स्थान के बारे में जानकारी भेजना होगा कि वे नियमित आधार पर होम क्वारनटीन का पालन कर रहे हैं। एसएमसी टीम लोगों के स्थान इतिहास की निगरानी करती है यदि कोई व्यक्ति होम क्वारनटीन के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करता है, तो ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
  5. प्रत्येक व्यक्ति को होम क्वारनटीन में रहने के लिए कहा जाता है, एसएमसी टीम द्वारा दैनिक तौर पर घर-घर अनुवर्ती कार्रवाई भी की जाती है। एसएमसी टीम द्वारा किए गए अनुवर्ती सिस्टम के माध्यम से भी पता लगाया जाता है।
  6. यदि किसी व्यक्ति ने होम क्वारनटीन के दौरान कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं और उसे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है, तो ऐसे व्यक्ति जो संदिग्ध के संपर्क में आए हैं, उन्हें बारे में फिर जानकारी हासिल की जाती है। यदि अस्पताल में भर्ती व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसके संपर्क में आने वालों को क्वारनटीन में रहने को कहा जाता है।
  7. प्रणाली में आवश्यक एमआईएस रिपोर्ट तैयार की जाती है और स्वास्थ्य विभाग की आवश्यकताओं के अनुसार नई रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
  8. नागरिकों को आसानी से एप्लिकेशन इंस्टॉल करने में मदद करने के लिए YouTube वीडियो के साथ Android और iOS के लिए आवश्यक ऐप इंस्टॉलेशन मैनुअल भी तैयार किए गए हैं।

एसएमसी कोविड-19 ट्रैकिंग सिस्टम को Android और iOS App के साथ 5 दिनों के बहुत कम समय में विकसित किया गया है। अब तक लगभग 3800 लोगों व्यक्तिगत विवरण दर्ज किए हैं और 2800 से अधिक लोग हर घंटे अपने स्थान के बारे में जानकारी भेजने के मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहे हैं और दिन में दो बार अपना स्वास्थ्य जांच प्रश्नावली प्रस्तुत कर रहे हैं।

एसएमसी द्वारा विकसित प्रणाली की समीक्षा गुजरात सरकार करती है। गुजरात सरकार इसे पूरे राज्य में लागू करने के बारे में विचार कर रही है। सिस्टम के कुछ स्क्रीनशॉट नीचे दिए गए हैं:

 

 

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