Sat. Jul 11th, 2020

आई0आई0ए0 ने लॉकडाउन के कारण बन्दी तथा उसके उपरान्त पूरी क्षमता पर उत्पादन न कर पाने वाले उद्योगों को फिक्स डिमाण्ड चार्जेज में राहत की मांग की


 

कोविड-19 महामारी के कारण सरकार द्वारा धोषित लॉकडाउन अवधि में औद्योगिक इकाईयाँ लगभग 2.5 माह तक बन्द रही है। आज यह इकाईयाँअपना उत्पादन प्रारम्भ करने का प्रयास कर रही है परन्तु डिमाण्ड व सप्लाई चेन बाधित होने से और कुशल कामगारों के पलायन के कारण औद्योगिक इकाईयाँ अभी औसतन 25 प्रतिशत उत्पादन क्षमता पर ही काम कर पा रही है। इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन का मानना है कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों को पूरी उत्पादन क्षमता तक पहुँचने में कम से कम एक वर्ष का समय लगेगा।
ऐसी स्थिति में प्रदेश की औद्योगिक इकाईयों के समक्ष एक बड़ी कठिनाई यह है कि उन्होनें या तो बिजली की खपत नही की अथवा वर्तमान में कॉन्ट्रैक्टेड लोड से बहुत कम विद्युत भार का उपयोग कर पा रही है परन्तु उनके ऊपर फिक्सडध्डिमाण्ड चार्जेज पूरे कॉन्ट्रैक्टेड विद्युत भार पर देय है। पहले से ही उद्योग धनाभाव से जूझ रहे है ऐसे में बिना बिजली खर्च किये अनावश्यक रूप से फिक्सडध्डिमाण्ड चार्जेज देना इन उद्योगों के लिये असहनीय हो गया है।
इस समस्या को ध्यान में रखते हुये इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन (आई0आई0ए0) ने सरकार द्वारा लॉकडाउन घोषित होने के तुरन्त बाद 27 मार्च 2020 को माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को एक पत्र लिखकर निवेदन किया था कि लॉकडाउन अवधि में उद्योगो से उनके बिलों में फिक्सडध्डिमाण्ड चार्जेज न लिये जाये। आई0आई0ए0 के इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए माननीय मुख्यमंत्री ने 1 अप्रैल 2020 को उत्तर प्रदेश ऊर्जा विभाग को निर्देश जारी किये थे कि ‘‘ऊर्जा विभाग यह सुनिश्चित करे कि लॉकडाउन की अवधि में इण्डस्ट्रीज से बिजली का फिक्सड चार्ज न लिया जाये।’’ खेद का विषय है कि माननीय मुख्यमंत्री के इन आदेशो में हेरफेर कर ऊर्जा विभाग द्वारा फिक्सडध्डिमाण्ड चार्ज में छूट देने के बजाय उसे कुछ समय के लिये स्थगित ही किया और अब जून महीने के बिजली के बिलों में स्थगित किये गये फिक्सडध्डिमाण्ड चार्ज की मांगकर दी गई है जिसे देने में प्रदेश के उद्योग असमर्थ है।
माननीय मुख्यमंत्री के आदेशो को तोड़मरोड़ कर लागू करने के विरोध में आई0आई0ए0 विगत दो माह से भी अधिक समय से माननीय मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, माननीय ऊर्जा मंत्री, अवस्थापना एवं उद्योग मंत्री,एम0एस0एम0ई0 मंत्री, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड तथा प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड को पत्र लिखकर निवेदन करता आ रहा है। इस निवेदन में आई0आई0ए0 ने अनुरोध किया है कि प्रदेश के उद्योगों पर बिना विद्युत उपभोग के अनावश्यक फिक्सड डिमाण्ड चार्जेज न लगाते हुए माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों का सही तरीके से अनुपालन किया जाये। इस सम्बन्ध में आई0आई0ए0 ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग को भी निवेदन किया है। खेद का विषय है आज तक उद्योग हित में आई0आई0ए0 की इस माॅग का निराकरण नही हो पाया है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के पड़ोसी राज्यों यथा उत्तराखण्ड और पंजाब में उद्योगो को उनके बिजली बिलों में फिक्सड ध्डिमाण्ड चार्जेज में छूट में दे दी गयी है। भारत सरकार तथा विद्युत उत्पादन इकाईयों ने भी उत्तर प्रदेश ऊर्जा विभाग को राहत पैकेज दिये है जिसका लाभ उत्तर प्रदेश ऊर्जा विभाग को अपने उपभोकताओं को भी देना चाहिए जो अभी तक नही दिया है।
उपरोक्त तथ्यों एवं समस्या को ध्यान में रखते हुए आई0आई0ए0 ने अपने संलग्न पत्रों द्वारा आज माननीय मुख्यमंत्री, माननीय ऊर्जा मंत्री तथा अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कारपोशन से अनुरोध किया है कि उत्तर प्रदेश के उद्योगों से लॉकडाउन में बन्दी की अवधि के बिजली बिलों में फिक्सडध्डिमाण्ड चार्जेज पर पूरी छूट तथा आगे एक वर्ष तक बिजली की खपत के अनुपात में यथा बिल चक्र में अधिकतम डिमाण्ड पर ही फिक्सड डिमाण्ड चार्जेज लिये जाये।

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