Wed. Sep 18th, 2019

पसमांदा मुस्लिम समाज को नही मिला एक भी टिकट

पसमांदा मुस्लिम समाज की रविवार को प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में 2019 के लोकसभा चुनाव के सिलसिले में प्रदेश के पसमांदा मुसलमानों की राय जानी गई। चार घंटे तक चले मैराथन बैठक के बाद इस बात पर सभी एक राय दिखे कि राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी जो निर्णय लेंगे वही सभी को मान्य होगा। पसमांदा मुस्लिम समाज की बैठक में प्रदेश के पसमांदा तबके के मुसलमानों की नब्ज टटोली गयी। बरेली से आये हाजी अंजुम अली ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में पसमंादा तबके के किसी प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया यह हमारे समाज के करोड़ों मुसलमानों के लिए अफसोस की बात है। राजनीतिक दल हमारे वोट से सरकारें तो बनाते हैं लेकिन हमारे समाज के लोगों को टिकट नहीं देते हैं। ऐसा लगता है कि पसमांदा मुसलमान धर्मनिरपेक्ष राजनैतिक दलों के बंधुआ मजदूर बन कर रह गये हैं।

प्रदेश अध्यक्ष वसीम राइनी ने कहा कि इस लोकसभा के चुनाव में देश में मुसलमानों की कुल आबादी का 85 प्रतिशत पसमांदा मुसलमान निर्णायक भूमिका अदा करते हैं। ऐसे हालात में पसमांदा मुसलमान पूरी तरह से जागरूक हो जायें और दूसरों को भी सौ प्रतिशत मतदान के लिए प्रेरित करें। पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने बैठक में प्रदेश भर से आये संगठन के लोगों का शुक्रिया अदा किया। श्री मंसूरी ने कहा कि आप सभी ने इस लोकसभा चुनाव के सम्बन्ध में निर्णय लेने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है। असल में यह आप सभी का विश्वास और प्रेम है।
बैठक में गाजीपुर के जमील इदरीसी, मेरठ के अनवर अहमद गद्दी, हापुड़ के कमाल मंसूरी, प्रतापगढ़ से शब्बीर अहमद अंसारी, इलाहाबाद से अहमद अली सिद्दीकी, जौनपुर के डा0 आरिफ नदीम, अमरोहा के महताब आलम, मैनपुरी से शफी मंसूरी, महोबा के रहीम बख्श, आजमगढ़ से रमजान रहमानी, जालौन से हाजी आजाद, बस्ती से हाफिज रिजवान, मुरादाबाद से फिरासत गामा, मेरठ से आजाद मंसूरी, कानपुर देहात से जेडी मंसूरी और डा0 मरगूब कुरैशी, लखनऊ सहित बड़ी संख्या में लोग थे। कार्यक्रम का संचालन मौलाना इलियास मंसूरी ने किया। .

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