Tue. Aug 20th, 2019

सरकारी कर्मचारियों को मिला सामाजिक सुरक्षा कवच खत्म कर दिया भाजापा ने जे पी सिंह

भारतीय जनता पार्टी ने सिक्कम में अपनी सरकार बनाते ही 01 जुलाई 2018 को सातंवा वेतनमान दिया और पेंषन प्रणाली को खत्म कर दिया।इस राज्य में जब तक कम्यूनिस्ट पार्टी की सरमकार की थी तो वहां पर पेंषन प्रणाली थी । यह बात नेशनल फेडरेशन आफ पोस्टल इंप्लाईज (एनएफपीई) की ओर से आयोजित सेमीनार कामरेड जे पी सिंह ने सरकारी कर्मचारियों की समाजिक ुरक्षाखत्म कर रही नयी पेंषन योजना ने अटल बिहारी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर चैक में कही।

उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें दोनों कर्मचारियों की पेंशन खत्म करने की साजिष रच कर अपना उद्देष्य हासिल कर चुकी है।सबसे खास नयी भर्ती सामाजिक सुरक्षा पेंषन को गम्भीरता से नही ले रही है जिसका खमियाजा आज नही तो कल उनको उठाना पढ़ेगा जिसका कोई मोल नही होगा।

जे पी सिंह ने कहा कि नयी पेंशन योजना के विरोध में देश भर के कर्मचारी आंदोलनरत हैं पर बेवजह के मुद्दों और जातीय व धार्मिक उन्माद में डूबे राजनैतिक दल इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर ध्यान तक नहीं दे रहे हैं।
सेमिनार में बोलते हुए एनएफपीई के अध्यक्ष गिरिराज सिंह ने कहा कि यह साफ है कि जो पुरानी पेंशन योजना की बात करेगा वही देश पर राज करेगा। उन्होंने कहा कि इस राज में साधुओं को पेंशन दी जा रही पर कर्मचारियों को नहीं ये कहा का न्याय है। उन्होंने कहा कि पेंशन और जाब सिक्योरिटी ही सरकारी सेवा का सबसे बड़ा चार्म था जिसे खत्म किया जा रहा है। एनएफपीई के ही डीबी मोहंती ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि यही भाजपा ही नयी पेंशन योजना लायी थी और अटल जी के कार्यकाल में पुरानी पेंशन खत्म की गयी थी। उन्होंने कहा कि मजदूर आंदोलन ही भाजपा को हराएगा।एनएफपीई, यूपी के सलाहकार टीपी मिश्रा ने कहा कि आज जब लैटिन अमेरिकी देशों में पुरानी पेंशन बहाली की जा रही थी तो हमारी सरकार उसे खत्म कर रही है। बीएसएनएल की बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 54000 कर्मचारियों पर तलवार लटक रही है। उन्होंने कहा कि चुनावों में रोजगार, शिक्षा, पेंशन पर बात न होकर युद्ध, पाकिस्तान और गाय पर बात हो रही है। मिश्रा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली उनकी सबसे प्रमुख मांग है और इस चुनाव में उनकी मांग पर ध्यान न देने वालों को जवाब दिया जाएगा। सीटू के उत्तर प्रदेश महासचिव प्रेमनाथ राय ने कहा कि 1995 में एनपीएस की बात शुरु हुयी थी जिसे 2004 में साकार कर दिया गया। हम लोगों ने केरल, त्रिपुरा और बंगाल में इसका विरोध किया। त्रिपुरा में 2018 में भाजपा सरकार बनते ही पुरानी पेंशन खत्म कर दी गयी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महासचिव शिवबरन सिंह यादव ने कहा कि ट्रेंड यूनियन आंदोलन को मजबूत करना होगा। पुरानी पेंशन योजना के बिना कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित नही है।

कामरेड वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनकी सक्रियता जारी रहेगी और पहले से भी ज्यादा ताकत से कर्मचारी हितों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब वो दूने जोश व ताकत के साथ पोस्टल कर्मियों व अन्य सभी कर्मचारियों के लिए काम करते हुए नयी पेंशन योजना के खिलाफ लड़ाई को धार देंगे। काम. तिवारी ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए केंद्र व राज्य के सभी कर्मचारी साझा संघर्ष कर रहे हैं और जल्दी ही इस पर एक फैसलाकुन जंग की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाजार के दबाव में सरकारें कर्मचारियों के हितों पर लगातार कुल्हाड़ी चलाती जा रही है जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा।

इस मौके पर नेशनल फेडरेशन आफ पोस्टल इंप्लाईज, लखनऊ की ओर से एक काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया।

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