Wed. Jun 26th, 2019

कांग्रेस और भाजपर एक ही सिक्के दो पहलू है मायावती

 

यूपी में कांग्रेसी नेताओं का यह प्रचार कि बीजेपी भले ही जीत जाए किन्तु बसपा-सपा गठबंधन को नहीं जीतना चाहिए, यह कांग्रेस पार्टी के जातिवादी, संकीर्ण व दोगले चरित्र को दर्शाता है। इसीलिए लोगों का यह मानना सही है कि बीजेपी को केवल हमारा गठबंधन ही हरा सकता है। लोगों को काफी सावधान रहने की जरूरत है। यह बात बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश व पूर्व सांसद मायावती  ने जारी एक बयान में कही।

मायावती ने  कहा कि, उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस पार्टी ने अपनी इसी बी.एस.पी. विरोधी मानसिकता के तहत चलकर, यहाँ अधिकतर सीटों पर ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं जो बीएसपी-सपा व आरएलडी गठबंधन का ही वोट काटकर उसे नुकसान पहुँचायें जिससे फिर बीजेपी को सीधे तौर पर फायदा मिल जाएगा। यह कांग्रेस पार्टी के दोहरे चरित्र को दर्शाता है जबकि हमारे गठबन्धन ने अपने उम्मीदवार पहले तय किए थे तथा कांग्रेस ने अपने ऐसे प्रत्याशी चुन-चुनकर बाद में ही घोषित किये।

मायावती ने  कहा कि कांग्रेस पार्टी का ऐसा घातक रवैया खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में भी यह साबित करता है कि बी.एस.पी.-सपा व आरएलडी गठबन्धन के मामले में बीजेपी जैसा ही जातिवादी, साम्प्रदायिक व संकीर्ण है तथा बीजेपी व कांग्रेस दोनों ही एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। इसलिए जनता इस चुनाव में बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी से भी जरूर सावधान रहे। ऐसी बी.एस.पी. की पुरजोर अपील भी है।

 

मायावती ने  कहा कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के मामले में कांग्रेस भी बीजेपी से कोई कम नहीं है। मध्य प्रदेश के गुना लोकसभा सीट पर बीएसपी के उम्मीदवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा डरा-धमकाकर जबर्दस्ती बैठा दिया गया है। किन्तु बीएसपी वहाँ अपने सिम्बल पर ही लड़कर इसका जवाब देगी और अब कांग्रेस सरकार को समर्थन जारी रखने पर भी पुनर्विचार करेगी।

मायावती ने  कहा कि मध्य प्रदेश से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस पार्टी वहाँ बीजेपी से कम व बी.एस.पी. से ज्यादा लड़ने का घिनौना कार्य लगातार कर रही है और इस क्रम में बीजेपी पर तो काफी मेहरबान है परन्तु बी.एस.पी. के लोगों पर फर्जी मुकदमे आदि दर्ज करने के अलावा उन्हें हर प्रकार से डरा-धमकाकर व प्रलोभन आदि देकर उन्हें तोड़कर बी.एस.पी. को कमजोर करने में ही ज्यादा लगी हुई है। यह कांग्रेस पार्टी का दोगला चेहरा है।

मायावती ने  कहा कि कांग्रेस पार्टी यह सब घिनौनी साजिश तब कर रही है जब बी.एस.पी. ने, बीजेपी के खिलाफ, कांग्रेस पार्टी को वहां बाहर से अपना समर्थन दिया हुआ है। इससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस पार्टी खासकर बी.एस.पी. को कमजोर करने के मामले में अपना पुराना रवैया बदलने को अभी भी तैयार नहीं है। अतः मध्य प्रदेश में खासकर गुना के लोगों से अपील है कि वे अपने मिशन के तहत् वहाँ उम्मीदवार की गैर-मौजूदगी में भी अपनी पार्टी के हाथी चुनाव चिन्ह पर ही बटन दबायें और अपनी पार्टी को ही वोट करें।

्रेटेड वॉयस रिकॉग्निशन सर्विस सुविधा (14440 पर मिस्ड कॉल देकर) भी जनता के लिए उपलब्ध कराई गई थी।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35 क के अंतर्गत 14 जून 1995 को बैंकिंग लोकपाल योजना 1995 अधिसूचित की गई थी । योजना का लक्ष्य और उद्देश्य आम बैंक ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवाओं में कमियों से संबंधित शिकायतों के लिए एक त्वरित और लागत मुक्त निवारण तंत्र प्रदान करना था, जिसके अभाव में उन्हें अदालतों जैसे किसी अन्य निवारण मंच तक पहुंचने में कठिनाई या अत्यधिक लागत का सामना करना पड़ता था । यह योजना अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, अनुसूचित प्राथमिक शहरी सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए लागू है। योजना के लागू किए जाने के बाद उसमें कई संशोधन किए गए हैं। फिलहाल प्रभावी बैंकिंग लोकपाल योजना 2006, (बीओएस) को 1 जुलाई 2017 तक संशोधित किया गया है। विशिष्ट राज्यवार अधिकार क्षेत्र के साथ 21 बैंकिंग लोकपाल कार्यालय सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर कर रहे हैं।

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