Wed. Jun 26th, 2019

राज्यपाल ने आतंकवाद विरोधी दिवस पर शपथ ग्रहण करायी

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक नेे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर उनके चित्र पर माल्यार्पण करके श्रद्धांजलि अर्पित की तथा राजभवन के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आतंकवाद विरोधी दिवस पर मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव कायम करने तथा मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुँचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों का विरोध करने की शपथ दिलाई।

उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनाव प्रचार सभा में आतंकवादी हमले में शहीद हुये थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री पी0वी0 नरसिम्हा राव ने 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्य तिथि पूरे देश में आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया था।
राज्यपाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की कार्यशैली को लोकसभा के सदस्य के नाते नजदीक से देखने का अवसर मिला है। भारत के तकनीकी विकास को उनके कार्यकाल में गति मिली। पूर्व प्रधानमंत्री ने मतदाता की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया ताकि युवाओं को मतदान का अधिकार देकर जनतंत्र में भागीदार बनाया जा सके। राजीव गांधी ने विकास की चर्चा करते हुये कहा था कि दिल्ली से विकास के लिये दिया गया एक रूपया अन्तिम स्थान तक पहुंचते-पहुंचते केवल 15 पैसा रह जाता है। उन्होंने कहा कि पुण्य तिथि मनाने का क्या उद्देश्य है उसे हमें इस भूमिका में विचार करने की आवश्यकता है।

श्री नाईक ने कहा कि आतंकवाद केवल भारत की ही नहीं पूरी विश्व की समस्या है। मानवता की दृष्टि से आतंकवाद एक कलंक है। पुलवामा में आतंकी हमला, महाराष्ट्र में नक्सली हमला देश की बाह्य एवं आतंरिक सुरक्षा करने वालों के लिये एक चुनौती का कार्य है। अपने दायित्व का निर्वहन करते हुये हमारे सैनिक एवं सुरक्षा बल के अनेक जवान शहीद हुये हैं। इसी प्रकार न्यूजीलैण्ड में एक मस्जिद तथा श्रीलंका में चर्च एवं होटल में हुये हमले में अनेक बेगुनाह नागरिकों की मौत दुखदायी है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती को जड़ से कैसे समाप्त करें, पूरा विश्व एकजुट होकर इस पर विचार करें।
राज्यपाल ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े जनतांत्रिक देश भारत में मतदान प्रक्रिया पूरी हो गयी है। 23 मई को मतगणना होगी। चुनाव में हार-जीत होती है ऐसे में राजनैतिक पार्टिया, प्रत्याशी एवं कार्यकर्तागण अपनी विजय को गरिमा एवं सम्मान से लें और पराजय से निराश न होकर भविष्य में नई भूमिका से तैयारी करें। चुनाव के नतीजे को शांति से स्वीकार करें। स्वयं पर संयम रखना कठिन काम है पर कठिन काम करने में ही पुरूषार्थ होता है। उन्होंने प्रदेश की जनता का आह्वान किया है कि प्रदेश में ऐसे समय पर शांति व्यवस्था बनाये रखे।
इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमन्त राव, विशेष सचिव डाॅ0 अशोक चन्द्र सहित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी मौजूद थे।

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