Tue. Dec 10th, 2019

फ्लिपकार्ट देश निर्माण के साथ नैतिक लाभ कमानाः रजनीश कुमार

  https://youtu.be/rm_aghc3Es0

 

फ्लिपकार्ट ने भारत के छोटें मझौले और मध्यम आकार के उद्यमियों के साथ हस्तशिल्पयों को अपने प्लेटफार्म से जोड़ा है जिसका मकसद समाज के अंतिम पायदान पर बैठें व्यक्ति के साथ जुड़ना है।उत्तर प्रदेश की सेंकड ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में आये फ्लिपकार्ट इंडिया प्रा0 लि0 के मुख्य काॅर्पोरेट मामलों के अधिकारी रजनीश कुमार से एनीटाइन न्यूज के संवाददाता दाऊद फुरकान हिन्दी से खास बातचीत की पेश है प्रमुख अंश………………………………………………

फ्लिपकार्ट की उत्तर प्रदेश समेत भारत में क्या-क्या परियोजनाएं एवं भावी योनाएं हैं ?

वन डिस्ट्रीक वन प्रोडक्ट जो कि उत्तर प्रदेश राज्य की सोच है हम उस दिशा में काम कर रहे है हमने सरकार के साथ अनुबंध किया है इस अुनबंध से उत्तर प्रदेश में फैले वन डिस्ट्रीक वन प्रोडक्ट को अपने प्लेटफार्म के माध्यम से देश दुनिया में पहुंचाने का काम करेंगे। जैसे भदोई की कालीन, बनारस की साडी, मुरादाबाद का पीतल, संतकबीर नगर का काला नमक, लखनऊ की चिकनकारी समेत सभी 75 जिलों के उत्पादों को पहचान दिलाने और बाजार दिलाने में मद्दगार साबित करना है।

वन डिस्ट्रीक वन प्रोडक्ट को भौगोलिक संकेत (जी आई) मिल रहें है और कुछ लाइन में उन उत्पादों को की मार्केटिंग में जी आई को बढ़ावा देंगें ?

बिल्कुल देंगे हमारा तो उद्देश्य यही कि हम हर राज्य के साथ समझौते कर रहे है हम चाहते कि हर राज्य के विषेश उत्पादों को नई बुलंदी और पहचान मिले, जैसे-जैसे ई-कार्मस को हम बढ़ावा दे रहे है। फ्लिपकार्ट ने भारत के छोटें मझौले और मध्यम आकार के उद्यमियों के साथ हस्तशिल्पयों को अपने प्लेटफार्म से जोड़ा है जिसका मकसद समाज के अंतिम पायदान पर बैठें व्यक्ति के साथ जुड़ना है ताकि हम देश निर्माण के साथ-साथ नैतिक लाभ कमा सकें वर्तमान में 1.5 लाख से ज्यादा कारोबारी हमारे प्लेटफार्म से जुड़े हैं। फ्लिपकार्ट नेशनल प्लेयर है जिसमें आने वाले समय में दो से तीन मिलियन नये उपभोक्ता जुड़ेंगे जिसका फायदा ज्यादा से ज्यादा उद्यमियों ,हस्तशिल्पयों और खरीदारों को मिलेगा जो कि हमारी नीति और उद्देश्य है ं।

किसानों की आमदनी को साल 2022 तक दोगुनी करने में फ्लिपकार्ट क्या मद्द रहा हैं ?

एक बड़ा अच्छा सवाल है किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए फूड इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जाये क्योंकि जब तक किसानों के उत्पाद में वैल्यू एडिसन नहीं किया जायेगा तब तक किसानों की आमदनी को दो गुना करना या कहना लगभग न के बाराबर हैं। इस लिए फ्लिपकार्ट ने किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए ग्रासरी को अपने में जोड़ा, अभी हम छोटे, मझोले किसानों से सीधी खरीद कर रहे हैं साथ ही ंई-मण्डियों से जुड़कर किसान की उपज का सही दाम देने का भी काम कर रहे है। देश में जितना ज्यादा फार्मर प्रोडूसर आर्गनेजाईजर (एफ पी ओ) का गठन होगा उतना ज्यादा किसनों का फायदा होगा।

स्टार्ट-अप इंडिया स्टंैड-अप इंडियां में फ्लिपकार्ट क्या कर रहा है ?

सरकार ने भी पहल कर इस क्षे़त्र में जान डालने का काम किया है जिसकी वजह से आज हर क्षेत्र में स्टार्ट- अप आ रहे है। हम भी सप्लाई चेन, तकनीकी उन्नयन, लाॅजस्टिक, पिक्योंमंेट टेक्नोलाजी, कैश फ्लो आदि स्टार्ट-अप ज्यादा ध्यान दे रहे है और उनमें निवेश भी कर रहे हैं हमने निवेश की सीमा को नही बांधा है । इनोवेशन जितना जाॅब जनरेट कर सकता है उतना कोई और कर नही सकता है। इसी लिए फ्लिपकार्ट ने ज्वाइंट वैंचर्स के लिए अलग से फण्ड बनाया है ताकि स्टार्ट-अप इंडिया स्टंैड-अप इंडियां में ज्यादा से ज्यादा नये लोग आये क्योंकि तब तो इंडिया आगे बढ़ेगा। फ्लिपकार्ट तो इंडिया मंे स्टैंड आप इंडिया के रोल में काम कर रहा है क्यांेकि हम लगातार तकनीकी का उन्नयन कर रहे है जिससे लोगों को रोजगार बढ़ाने का काम हो रहा है फ्लिपकार्ट डायरेक्ट एक लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहा हैं साथ ही सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के पांच से छः लाख लोगों को रोजगार देने का काम कर रहे है यह सब स्टार्ट-अप इंडिया स्टंैड-अप इंडियां के बैनर तले ही हैं।

बजट में बताया गया कि साल 2017-18 में 1.5 ट्रिलियन था जोकि साल 2018.-19 में घटकर 1.3 ट्रिलियन रह गया है ऐसे में पांच ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बन पायेगी ?

इस पर कुछ कह पाना बहुत मुश्किल है यह बहुत सारे फैक्टरों पर काम करता है ग्लोबल कंडीशन का इसमें ज्यादा रोल रहता है

उत्तर प्रदेश में बेस्ट प्राइस होलसेल बिजनेस को और ज्यादा बढ़ावा देंगे ?

बेस्ट प्राइस बेसिकली वाॅलमार्ट का एक अंग है जो कि फुटकर किाराना दुकानदारों के लिए एकल छत के नीचे सस्ते और बेहतर सामान के आपूर्ति करने वाला है जिसमें फ्लिपकार्ट कोई रोल नही है।

हर साल 300 बिलियन अमेरिकी डालर का निवेश आसान होगा ?

इंडिया इस वक्त दुनिया के लिए सबसे बड़ा बाजार है, दूसरा ईजी आॅफ डूइंग बिजनेस के लिए सबसे ज्याद मुफिदों में एक है। यह एक गुड् सईन है भारत की अर्थव्यवस्था के लिए। इंडिया में तो तीन चीज़ो का ध्यान रखे तो इंवेस्टमैंट जरुर बढ़ेगा। एक पहलू यह भी है कि यहां पर उत्पादन की क्षमता पर भी निर्भर कर सकता है

सिंगल ब्राण्ड रिटेल में 100 फीसदी एफडीआई की छूट से देश में पूंजी निवेश बढ़ेगा ?

अब्जेक्टिव सेल को बढ़ावा देना होता है क्योंकि जितना ज्यादा खपत बढ़ेंगी उतना ज्यादा उत्पादन बढ़ेगा।
सिंगल ब्राण्ड से प्रोडक्शन में इज़ाफा होता है और उससे नये रोजगार पैदा होते है,लम्बें वक्त में इसका ज्यादा फायदा मिलता है। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में हमेशा सुधार होते ही रहते है जिसका फायदा उपयोग बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है यह एक सराहनीय कदम है भारत सरकार का।

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