Tue. Dec 10th, 2019

  सीआईआई के अध्यक्ष विक्रम किरलोस्कर की वित्त मंत्री की घोषणाओं पर टिप्पणी

सीआईआई के अध्यक्ष विक्रम किरलोस्कर ने जारी किए अपने बयान में कहा कि माननीय वित्त मंत्री का मेगा कॉर्पोरेट टैक्स प्रोत्साहन निवेशकों की भावनाओं को बढ़ावा देने, कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती, विनिर्माण को प्रोत्साहित करने और अर्थव्यवस्था में एनिमल स्पिरिट को जागृत करने का प्रमुख कदम है। बिना किसी छूट के कॉर्पोरेट टैक्स को ३० प्रतिशत से २२ प्रतिशत करना बहुत अच्छा निर्णय है क्योंकि उद्योगों की यह लंबे समय से मांग रही है। सरकार का  निर्णय एक अभूतपूर्व और साहसिक कदम है। सीआईआई माननीय वित्त मंत्री का आभारी है कि वह उद्योग के सुझावों के लिए इतने ग्रहणशील और ओपन हैं। इस कदम ने उद्योग में सकारात्मक स्पिरिट को और बढ़ा दिया है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए एक निडर ट्रैक पर है कि भारत बाकी दुनिया के साथ कर दरों पर उतना ही प्रतिस्पर्धी हो जाए। यह भी इंगित करता है कि सरकार अर्थव्यवस्था की रिकवरी प्रक्रिया में मदद करने के लिए मार्ग के रूप में बढ़े कर का उपयोग करने के स्थान पर कर प्रोत्साहन का मार्ग को अपना रही है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले इससे बेहतर खबर नहीं हो सकती थी क्योंकि अब पूरे क्षेत्र को जश्न मनाने का मौका मिला है।

भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी का बयान

सीआईआई गोआ से माननीय वित्त मंत्री की घोषणा से हार्दिक प्रसन्न है। उद्योगों की लंबे समय से मांग रही थी कि कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती की जाए क्योंकि टैक्स की ऊंची दरों के कारण भारतीय उद्योग अपने प्रतिद्वंदियों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे। कॉर्पोरेट टैक्स को कम कर २२ प्रतिशत लेकर आना, मैट को घटाकर १५ प्रतिशत करना तथा नई कंपनियों पर १५ प्रतिशत टैक्स लगाने का निर्णय बेहद सकारात्मक होगा और इससे कंपनियों की लागत घटेगी।

बिना घाटे की परवाह किए इस प्रकार का निर्णय लेने के लिए सीआईआई वित्त मंत्री की सराहना करता है क्योंकि टैक्स रेट कम करने से रिवेन्यू खुद ब खुद बढ़ेगा और कलेक्शन रेट में भी वृद्घि होगी। सीआईआई को उम्मीद है कि यह वास्तव में उद्योग की एनिमल स्पिरिट को पुनर्जीवित करेगा और बाद में के बजाय अभी आर्थिक गतिविधि को तेज करने की चिंगारी पैदा करेगा।

 

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