Tue. Dec 10th, 2019

गांधी दर्शन के मूल्यों को समझना होगा – मुख्यमंत्री

 

 

महात्मा गांधी ने समाज के उत्थान के लिये स्वावलम्बन और स्वच्छता पर विशेष कार्य किया। यह बात महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समापन समारोह के अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुय उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अवध शिल्प ग्राम में कही।

उन्होंने जन सामान्य को भी साफ-सफाई की महत्ता बताने के साथ ही स्वच्छता के लिये प्रेरित भी किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस दिशा में आगे बढ़ते हुये गांधी जी की 150वीं जयंती पर ‘स्वच्छ भारत’ मिशन को एक जन आंदोलन का रूप दिया है, जिसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। इसी अभियान के तहत महिलाओं के लिये यह सम्मान और गौरव की बात है कि प्रदेश सरकार ने लगभग 2.61 करोड़ शौचालय बनाकर उन्हें उपलब्ध कराये हैं। स्वच्छता अभियान के सफलता सरकार, स्वयं सेवी संस्थाओं तथा समाज के सामूहिक योगदान से ही संभव है। उन्होंने कहा कि गाॅँव, गली, मोहल्ला एवं शहर मेरा है, जब तक यह भाव लोगों में नहीं आयेगा तब तक इस मिशन को सफल बनाना कठिन है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जनता के लिये पिछले ढाई साल में ऐसे कार्य किये हैं जो पिछले कई सालों में नहीं हो सके थे। गरीब जनता को आवास सुलभ कराने एवं महिलाओं के लिये शौचालय बनवाने में प्रदेश सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किये हैं। राज्यपाल ने कहा कि स्वरोजगार के लिये सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों के लिये सरकार हर तरह से सहायता देने को तैयार है लेकिन उद्यमियों को इसका सही उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का युवा नई चीज खोजता है। इसके लिये उद्यमियों को अच्छे बर्तन एवं नये डिजाइन के कपड़े तैयार करने होंगे। उन्होंने उपस्थित जन समूह से पानी की बचत एवं प्लास्टिक का उपयोग न करने के साथ-साथ इसके विकल्प तलाशने एवं पर्यावरण को स्वच्छ बनाये रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गांधी जी की स्वच्छता व स्वदेशी की प्रेरणा को साकार करने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘स्वच्छ भारत मिशन’ अभियान की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन में जन सहभागिता के लिये प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमें गांधी दर्शन के मूल्यों को समझना होगा तथा परम्परागत उद्योगों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत वंशानुगत कारीगरों को प्रशिक्षण दिलाकर तथा उन्हें बैंक के साथ जोड़कर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्लास्टिक मुक्त भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिये हमें सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बंद करना होगा।
कार्यक्रम में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के तहत संचालित योजनाओं के लाभार्थियों को विश्वकर्मा श्रम पुरस्कार, ओडीओपी के तहत टूल किट, मार्जिन मनी चेक, सोलर चरखा, विद्युत चाक आदि का वितरण किया। इसके अतिरिक्त स्वच्छता अभियान में विशेष योगदान के लिये राज मिस्त्री एवं ग्राम प्रधानों और खेल विभाग के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गो सेवा आयोग की वेबसाइट का लोकार्पण भी किया गया।
इससे पहले राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने गांधी जी के जीवन पर आधारित अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने 151 स्कूली बच्चों द्वारा महात्मा गांधी जी के जीवन दर्शन पर आधारित पोटेर्ªट्स तथा क्ले द्वारा निर्मित महात्मा गांधी की मूर्तियों तथा 151 फीट कैनवास पर ‘मोहन से महात्मा तक’ चित्रांकन का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर मंत्रिमण्डल के सदस्यों में सिद्धार्थ नाथ सिंह, उपेन्द्र तिवारी, डाॅ0 नीलकंठ तिवारी, उदयभान सिंह सहित गो सेवा आयोग के अध्यक्ष, मुख्य सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौजूद थे। .

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