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मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के लिए एडब्ल्यूएसआईटीसी स्थापित करने की योजना 

The Union Minister for Skill Development and Entrepreneurship, Dr. Mahendra Nath Pandey and other dignitaries at the launch of the Media & Entertainment Skills Council Authorized WorldSkills India Training Center (AWSITC), in New Delhi on October 15, 2019.

The Union Minister for Skill Development and Entrepreneurship, Dr. Mahendra Nath Pandey addressing at the launch of the Media & Entertainment Skills Council Authorized WorldSkills India Training Center (AWSITC), in New Delhi on October 15, 2019.

शहरों में चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, इंदौर, मुंबई, पुणे, शिलांग और त्रिवेंद्रम शामिल हैं

एडब्ल्यूएसआईटीसी का उद्देश्य उम्मीदवारों को लाभकारी तरीके से कार्य करने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने कौशल का प्रदर्शन करने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण प्रदान करना है।

 

केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता (एमएसडीई) मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडे ने आज मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के लिए भारत के 9 शहरों में 14 अधिकृत वर्ल्ड स्किल इंडिया ट्रेनिंग सेंटर (एडब्ल्यूएसआईटीसी) शुरू करने की घोषणा की। नए संस्थान मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में न केवल विश्व कौशल और भारत की कौशल प्रतियोगिताओं से मुकाबला करने के लिए उम्मीदवारों को अत्याधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए स्थापित किए जा रहे हैं बल्कि इनका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए उम्मीदवारों को प्रशिक्षण देने के लिए कौशल परितंत्र विकसित करना भी है।

 

एमईएससी (मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल काउंसिल) के साथ साझेदारी में स्थापित किए गए आधुनिक एडब्ल्यूएसआईटीसी उम्मीदवारों को वैश्विक मानकों के अनुसार अपना कौशल बढ़ाने में मदद करेंगे और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को एनएसएफक्यू स्तर के अनुसार तैयार किया जाएगा, जो उद्योग से जुड़े रहे हों। सभी उम्मीदवारों को चालू परियोजनाओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

इस कार्यक्रम का आयोजन इस वर्ष अगस्त में कज़ान में हाल ही में संपन्न विश्व कौशल प्रतियोगिता के कुछ विजेताओं को सम्मानित करने के लिए किया गया।

 

कज़ान में ग्राफिक डिज़ाइन श्रेणी में कांस्य पदक जीतने के लिए, श्वेता रतनपुरा और उनके गुरु श्री सतीश नारायण ने एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्राप्‍त किया। 3 डी गेम आर्ट में उत्‍कृष्‍टता के लिए पदक विजेता रहे निधिन प्रेम और उनके संरक्षक श्री प्रदीप कुमार ने 50,000 रूपये का पुरस्‍कार प्राप्त किया, जबकि प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी श्रेणी में श्रेनिक गागुले और उनके गुरु श्री समीर प्रभु को 11 वीं रैंक हासिल करने के लिए 20-20 हजार रूपये का पुरस्‍कार दिया गया।

 

इस वर्ष द्विवार्षिक विश्व कौशल प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। 48 सदस्यीय भारतीय टीम ने प्रतियोगिता में एक स्वर्ण, एक रजत, दो कांस्य पदक के अलावा उत्‍कृष्‍टता के लिए 15 पदक जीते।

 

इस आयोजन में एमएसडीई की वरिष्‍ठ सलाहकार सुश्री सुनीता सांघी; एनएसडीसी के सीईओ श्री मनीष कुमार; एमईएससी के अध्‍यक्ष श्री सुभाष घई; फिक्की की सहायक महासचिव सुश्री शोभा घोष; एमईएससी के सीईओ श्री मोहित सोनी के अलावा विभिन्न राज्यों के उद्योग और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति भी देखने को मिली।

 

डॉ. महेंद्र नाथ पांडे, केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री ने इस अवसर पर कहा, “प्रौद्योगिकी के आने के साथ ही कौशल भी दुनिया भर में आकर्षण प्राप्त कर रहा है। ग्राफिक डिजाइन, 3 डी डिजिटल गेम आर्ट, प्रिंट मीडिया आदि जैसे क्षेत्रों में कौशल प्राप्त लोगों के लिए ढेर सारी संभावनाएं हैं। विश्व स्तर के आधुनिक केंद्र उम्मीदवारों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में देश को गौरव दिलाने के लिए तैयार करने में मदद करेंगे और लाभकारी तरीके से कार्य करने के लिए उनका कौशल बढ़ाएंगे।”

 

मीडिया और मनोरंजन कौशल परिषद के अध्यक्ष श्री सुभाष घई ने इस समारोह में कहा, “विश्व कौशल प्रतियोगिता में भाग लेना एक बहुत बड़ा सम्मान है। यह एक वैश्विक मंच है और वहां होने का सौभाग्य प्राप्त करना और फिर पदक लेकर वापस आना यादगार है। विश्व कौशल जैसे प्लेटफ़ॉर्म न केवल लोगों को कौशल सीखने के लिए बल्कि उसमें उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हमें उम्मीद है कि इस संस्थान के माध्यम से, हम और अधिक युवाओं को न केवल कुशल बनकर भाग लेने के लिए बल्कि पदक के साथ वापस आने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं और अपने देश को गौरवान्वित कर सकते हैं। ”

 

एनएसडीसी के सीईओ श्री मनीष कुमार ने कहा, “तकनीकी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण में बहुत अधिक गुंजाइश और अवसर हैं। इसमें उद्योग की जरूरतों के साथ कौशल प्रशिक्षण को जोड़ना महत्वपूर्ण है, जो देश में प्रभावी रूप से चिरस्थायी कौशल परितंत्र बनाने में हमारी मदद कर सकता है। भारत को दुनिया का कौशल केंद्र बनाने की दूरदर्शिता को हासिल कर आधुनिक एडब्ल्यूएसआईटीसी इसके लिए एक प्रमुख प्रयास होगा। युवाओं के प्रति हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण बुनियादी ढाँचा और मॉड्यूल प्रदान करें जो उन्हें उनके सपनों को साकार कर सके। ”

 

विश्व कौशल कज़ान, 2019 में उल्लेखनीय प्रदर्शन के बाद, एमईएससी 14 एडब्ल्यूएसआईटीसी की मदद से वर्ल्ड स्किल्स शंघाई में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयारी में जुट गया है। इसका उद्देश्य भविष्य की वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के चैंपियनों  को प्रशिक्षित प्रदान करना है। एडब्ल्यूएसआईटीसी छात्रों के एक-दूसरे के देश में जाने का भी मंच होगा और उद्योग की श्रम शक्ति मांग को पूरा करेगा।

 

केंद्रों पर ग्राफिक डिजाइन तकनीक, 3 डी डिजिटल गेम और प्रिंट मीडिया प्रौद्योगिकी पर 9 महीने से 36 महीने की अवधि के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम पेश किए जाएंगे। देश भर में प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता वाले स्किल इंडिया के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एडब्ल्यूएसआईटीसी सभी राज्यों के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।

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