Tue. Dec 10th, 2019

कपड़ों की खरीद हाथों में बिना परखें खरीद बनती नहीः राजेश कुमार

 


ई-मार्केटप्लेस से शपिंग इलेक्टानिस प्रोडक्ट तो ठीक हैं लेकिन कपड़ों की खरीद हाथों में बिना परखें खरीद बनती नही हैं कपड़ों की खरीद के लिए फैब या दुकांन आना ही पढ़ेगा । यह बात नेशनल हैंडलूम एक्स्पों एवं सिल्क फैब प्रदशर्नी का उद्धघाटन करते हुए सेटल एयर कामंड के एयर मार्शल राजेश कुमार ने कैसरबाग बारादरी में कही।
उन्होंने कहा कि इस तरह के मेले से लोगों को सस्ता और बेहतर सामान मिलता है साथ ही अपने हस्तशिल्पयों को रोजगार मिलता है। आज यूरोप अपने हस्तशिल्पयों को बहुत ज्यादा प्रमोशन दे रहा हैं
इस मौके पर प्रर्दशनी प्रभारी ने बताया कि असम की मूगा सिल्क बिहार की तसर कांथा मधुबनी पेंटिंग गुजरात पटोला जम्मू और कष्मीर प्रिंटेड सिल्क साड़ी झारखंड कोशा सिल्क आदि हैं

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