Tue. Dec 10th, 2019

सरकारी संस्थायें 25 फीसदी खरीद बुनकरों से करें, एमएसएमई नीति में होंगे विशेष प्राविधानः सिद्धार्थ नाथ सिंह

????????????????????????????????????

पावरलूम बुनकरों को सौर उर्जा के माध्यम से सस्ती एवं निर्बाध
बिजली उपलब्ध कराई जायेगी

पारांपरिक कलाओं को वैश्विक पहचाने दिलाने के लिए बन रहे हैं
डिजाइन इन्स्टीट्यूट

पावरलूम बुनकरों को सौर उर्जा के माध्यम से सस्ती एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। सरकारी संस्थायें 25 फीसदी खरीद बुनकरों से करें, इसके लिए प्रस्तावित एमएसएमई नीति में विशेष प्राविधान किये जायेंगे। यह बात उत्तर प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अपने कार्यालय कक्ष में प्रदेश भर से आये पावरलूम बुनकरों के प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान कही।

श्री सिंह ने कहा कि पावरलूम बुनकर क्लस्टर बनाकर काम करें। राज्य सरकार उन्हें सामान्य सुविधा केन्द्र के तहत कच्चा माल से लेकर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगी। इससे छोट-छोटे कारीगरों को काफी सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि सस्ते लोन के लिए सिडबी एवं बैंक आफ बड़ौदा से समझौता किया गया है। आने वाले 03 दिसम्बर से प्रदेश भर में लोन मेले का आयोजन किया जायेगा।
वस्त्रोद्योग मंत्री ने कहा कि पारांपरिक कलाओं को वैश्विक पहचान देने के लिए डिजाइन इन्स्टीट्यूट की स्थापना कराई जा रही है। इसमें अन्तर्राष्ट्रीय मार्केट की मांग के अनुसार डिजाइन की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि बुनकरों के व्यवसाय को बढ़ाने के लिए प्रदेश में बंद पड़े सभी कम्बल कारखानों को पुनर्संचालित कराया गया है। साथ ही सरकारी विभाग कम्बल इन्हीं कारखानों से खरीदें, इसके लिए प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में सरकारी स्कूलों में अध्यनरत विद्यार्थियों के लिए स्वेटर भी सहकारी समितियों से खरीदने की योजना बनाई जा रही है।
मेरठ के विधायक रफीक अंसारी के नेतृत्व में आये 45 सदस्यीय बुनकरों के प्रतिनिधि मण्डल ने वस्त्रोद्योग मंत्री को अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बुनकरों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़ी है। बुनकरों के व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए हर सम्भव सहयोग व मदद दी जायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *