सरकार की कथनी और करनी में फर्क

 

 

उत्तर प्रदेश में भू-माफियाओं को राज्य सरकारें सरक्षण भी दे रही और कार्रवाई के नाम पर खानापूरी भी कर रही है, कुछ ऐसा ही वाकिया है प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ओमेक्स लिमिटेड का है जिसने नहर की जमीन को समतल कर अपने लिए शानदार मार्ग का निर्माण कराय और नहर की जमीन का क्षेत्रफल 2.558 हे0 खत्म कर दिया गया। इसी टाऊनशिप से जुडा एक नाला है जिसकी हजारों फिट जमीन पर पौधारोपण कर अपनी टाऊनशिप में शामिल कर लिया है जिसके खिलाफ सरकार ने कोई भी मामला दर्ज नही कराया है वहीं राज्य सरकार ने ओमेक्स लिमिटेड के लिए दिनांक 13 नवम्बर 2019 के दिन सजोनी नगर क्षेत्र में एक नई टाऊनशिप के लिए जमीन का अधिग्रहण का फरमान जरी किया है

कल्ली पश्चिम लखनऊ स्थित सिंचाई विभाग की भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध कब्जा तथा अनियमितता के कारण ओमेक्स के निदेशक तथा 06 सिंचाई कार्मिकों पर हुई एफ.आई.आर.

 

सिंचाई विभाग के 04 कार्मिक निलम्बित तथा 02 कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश
उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के निर्देश पर लखनऊ स्थित कल्ली पश्चिम में सिंचाई विभाग की भूमि पर भू-माफियों द्वारा विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध कब्जा कराये जाने की अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार कार्मिकों तथा ओमेक्स प्रा0लि0 के विरुद्ध पीजीआई थाने में प्रथम दृष्टया रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है।
अनिल कुमार शुक्ला जिलेदार तृतीय उपखण्ड लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर ने आज पीजीआई थाने में विद्या सागर सिंह, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, षष्टम मण्डल सिंचाई कार्य लखनऊ,योगेश रावल, तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ, एस0एन0 मौर्य सहायक अभियन्ता तृतीय लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ, कृष्ण गोपाल उप राजस्व अधिकारी लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ, देवी प्रसाद सिंह तत्कालीन जिलेदार लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ, केशव मणि त्रिपाठी सींचपाल लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ एवं निदेशक ओमेक्स लि0 साइबर टावर, द्वितीय तल, टीसी-34ध्वी-2, विभूति खण्ड, गोमतीनगर लखनऊ के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कानूनी कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।
इन कार्मिकों के कृत्य से सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की करोड़ो रुपये की नहर की जमीन की क्षति हुई है। यह नहर आजादी से पहले बनायी गयी थी। अब इसका अस्तित्व समाप्त हो गया है, जिसके कारण किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराये जाने में असुविधा हुई। इस प्रकार इन कार्मिकों द्वारा पत्रावलियों एवं अभिलेखों में कूटरचित, हेराफेरी एवं धोखाधड़ी करते हुए निदेशक, ओमेक्स लि0 साइबर टावर, द्वितीय तल विभूतिखण्ड गोमती नगर लखनऊ की मिलीभगत एवं सुनियोजित तरीके से आपराधिक षडयंत्र कर अनियमित एवं कूटरचना करते हुए क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर की गयी संस्तुतियों एवं असक्षम स्तर से अनापत्ति जारी कराकर कल्ली माइनर का लैण्ड यूज बदलते हुए अस्तित्व समाप्त करने की कार्यवाही की गयी तथा शासकीय संपत्ति को क्षति पहंुचायी गयी। निदेशक, ओमेक्स लि0 लखनऊ द्वारा इस कल्ली माइनर के क्षेत्रफल 2.558 हे0 भूमि को समतल करते हुए 15 मीटर सड़क हाटमिक्स द्वारा बनवा दी गई।
कल्ली पश्चिम स्थित सिंचाई विभाग के इस प्रकरण में संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए शासन के निर्देश पर इनके आरोपों की गम्भीरता को देखते हुएकृष्ण गोपाल उप राजस्व अधिकारी लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ, देवी प्रसाद सिंह तत्कालीन जिलेदार तृतीय लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ, (संप्रति उप राजस्व अधिकारी), केशवमणि त्रिपाठी सींचपाल लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ तथा एस0एन0 मौर्य सहायक अभियन्ता तृतीय लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ, को निलम्बित कर दिया गया है।
इसके अलावा इस प्रकरण में विद्या सागर सिंह तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता षष्टम मण्डल सिंचाई कार्य लखनऊ (सम्प्रति सेवा निवृत्त) के विरुद्ध सीएसआर के अनुच्छेद-351ए के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार योगेश रावल तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ तथाएस0एन0 मौर्य सहायक अभियन्ता तृतीय लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित किये जाने के आदेश दिये गये हैं।

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