Sat. Mar 28th, 2020

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने राष्ट्रपति मांगो ज्ञापन प्रेषित

सिंकदर मेरठ।

भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा लगातार सविंधान विरोधी नीतियां अपनायी जा रही हैं सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण देश की जनता मे नफरत फैलने की संम्भावना बढ रही हैं अपनी मनमानी पर कार्य करते हुये भाजपा सरकार संविधान के प्रावधानों का खुले तौर से उल्लंघन कर रही हैं जिसका नवीनतम उदाहरण नागरिकता संशोधन कानून का पास किया जाना है उक्त कानून मे स्पष्ट रूप से धर्म के आधार पर देश के नागरिको मे भेदभाव किया गया है ।संविधान की अनुछेद 14स्पष्ट रूप से देश के प्रत्येक व्यक्ति को समान रूप से देखती है और धर्म, जाती एवं लिंग आदि के आधार पर किसी भी भेदभाव के विरुद्ध हैं ।किन्तु भाजपा की केन्द्र सरकार ने मुस्लिम विरोधी भावनाओं के तहत काम करते हुये सविधान के अनुछद 14,15,व21के प्रावधानों का खुला उल्लंघन किया है जिस कारण देश का न्यायप्रिय वगं उक्त कानून से अस्तुष्ट है और उक्त कानून का विरोध कर रहा हैं आज इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भारत के राष्ट्रपति को जिला अधिकारी मेरठ के माध्यम से अपनी दो मांगो का एक ज्ञापन प्रेषित किया है मांग हैं 1 नागरिकता संशोधन कानून सविधान के अनुछेद 14,15 व21 के विरुद्ध हैं इसलिए उक्त कानून को संविधान विरोधी घोषित कर निरस्त किया जाये 2 उक्त कानून का विरोध कर रहे छात्र व छात्राओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा किये गये लाठीचार्ज के दोषी पुलिस कमींयो के विरुद्ध सख्त कायंवाही की जा ये। ज्ञापन देने वालों मे शामिल रहे मौ०उवैस एडवोकेट, रमजानी सैफी जिला अध्यक्ष, अनवर आलम एडवोकेट, जकीअनवर एडवोकेट, यूसुफ खान, मौ०रिजवान अंसारी, सरफराज गाजी,सुहैल कुरैशी, सुरैश कुमार यादव एडवोकेट आदि

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