रक्षा मंत्री   ने अमरीका के ओशियाना और नॉरफ्लॉक्‍स नौसैनिक अड्डों का दौरा किया

The Union Minister for Defence, Shri Rajnath Singh onboard Nimitz-class aircraft carrier USS Dwight D. Eisenhower (CVN 69), at the Naval Station Norfolk, in Virginia, United States on December 17, 2019. The Ambassador of India to US, Shri Harsh Vardhan Shringla, the Defence Secretary, Dr. Ajay Kumar and the Secretary (Defence Production), Shri Subhash Chandra are also seen.

The Union Minister for Defence, Shri Rajnath Singh visiting the Naval Station Norfolk, in Virginia, United States on December 17, 2019.
The Ambassador of India to US, Shri Harsh Vardhan Shringla is also seen.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमरीका यात्रा के अवसर पर 17 दिसंबर को वहां के ओशियाना और नॉरफ्लाक्‍स नौसैनिक अड्डों का दौरा किया। इस यात्रा ने भारत और अमरीका के बीच मजबूत रक्षा साझेदारी के साथ ही दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच घनिष्‍ठ संबंधों पर भी प्रकाश डाला।

ओशियाना नौसैनिक अड्डे के दौरे के अवसर पर रक्षा मंत्री ने बोइंग मोबाइल फ्लाइट सिम्‍युलेटर और वहां खड़े एफ/ए 18 ई विमानों तथा उनकी उड़ानों का प्रदर्शन देखा। रक्षामंत्री के साथ गए भारतीय शिष्‍टमंडल ने नॉरफ्लाक्‍स में निमित्‍ज श्रेणी के विमान वाहक पोत यूएसएस ड्वाइट डी आइजनआवर ( सीवीएन 69) का मुआयना किया।

अमरीका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला, रक्षा सचिव डा. अजय कुमार तथा भारत सरकार के कई वरिष्‍ठ अधिकारी और ड्यूटी पर तैनात कई सैन्‍य अधिकारी भी इस अवसपर रक्षा मंत्री के साथ थे। भारतीय शिष्‍टमंडल का स्‍वागत अमरीकी रक्षा नीति विभाग के उपमंत्री डा जेम्‍स एंडर्सन, अमरीकी नौसेना के एंटलांटिक वायुसैन्‍य बल के रियर एडमिरल रॉय के‍ली, नौसेना के अंतर्राष्ट्रीय अभियानों के उप सहायक मंत्री रियर एडमिरल फ्रांसिस मोर्ले और एनएएस ओशियाना के कमांडिंग ऑफिसर कैप्‍टन जॉन हेविट् ने किया।

रक्षा मंत्री ने इस अवसवर पर कहा कि उनकी यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रक्षा संबंधों को परिलक्षित करती है। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई की निकट भविष्‍य में ये संबंध और प्रगाढ़ होंगे।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ओशियाना नौसैनिक अड्डे और यूएसएस ड्वाइट डी आइजनहावर पर श्री राजनाथ सिंह और भारतीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी से वे गौरवान्वित हुए हैं, भारतीय प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करेगी।

भारत और अमरीका ने सैन्य अभ्यासों, रक्षा व्यापार और रक्षा आधिकारियों की परस्पर यात्राओं के माध्यम से रक्षा सहयोग को बनाए रखा है।

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