Fri. Feb 21st, 2020

उत्तर प्रदेश में सहकारिता इंस्पेक्टर राज के रुप में चल रही है- प्रभु नारायण


उत्तर प्रदेश में सहकारिता इंस्पेक्टर राज के रुप में चल रही है सहकारिता की हालात अभी ठीक हो सकते हैं। यहां भी सहकारिता में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश का मॉडल एक्ट लागू किया जाए इसके अलावा उत्तर प्रदेश कॉपरेटिव एक्ट के तहत संचालित जिला सहकारी बैंकों में पूर्णकालिक कर्मचारी होना चाहिए। जब तक एक पूर्णकालिक कर्मचारी नहीं होगा तब तक न तो सहकारी बैंक होंगे और ना ही चल सकेंगे। सरकार से अपेक्षा आवश्यक है, एक मां भी अपने बच्चे को तभी दूध पिलाती है जब वह दूध के लिए रोता है। यह बात मुख्य अतिथि अवध प्रांत के संघचालक प्रभु नारायण ने सहकारिता भवन में कही।

उन्होंने कहा सहकारिता संगठन का मूल आधार है। बिना सहकार के सृष्टि नहीं चल सकती है।

उन्होंने विश्वास दिलाया कि मातृ संगठन सहकार भारती की उचित मांगों को सरकार से पूरा कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
सहकार भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष आर.पी. सिंह बघेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सहकारिता की दशा यहां के मनमाने सहकारिता कानून के कारण खराब है। यहां पर रजिस्ट्रार ही सब कुछ है। रजिस्ट्रार प्रशासनिक अधिकारी होता है और वही सर्वेसर्वा माना जाता है, जिस कारण वह खुलकर मनमानी करता है। रजिस्ट्रार निरीक्षण के नाम पर मनमानी व खानापूर्ति करता है और इसके एवज में उसे ट्रेजरी से भुगतान किया जाता है, जबकि इसके उलट सहकारिता के लोग जिन्हें वाकई में कार्य करना होता है। उन्हें सरकार से कोई सहायता नहीं मिलती है, वह खुद ही कार्य करते हैं।
इस मौके पर सहकारी समितियों के सदस्य और अतिथि मौजूद रहे।

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