Sat. Mar 28th, 2020

लम्बित स्टाम्पवादों के लिए ‘एक मुश्त समाधान योजना‘ -रवीन्द्र जायसवाल

 

29 हजार लम्बित स्टाम्पवादों के त्वरित निस्तारण के लिए ‘एक मुश्त समाधान योजना‘ लागू की गई है। इस योजना की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है इसके लिए मात्र 100 रू0 का टोकन अर्थदण्ड देना होगा और शेष अर्थदण्ड का लाभ उठाया जा सकता है। यह बात प्रदेश के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने बापू भवन स्थित सभागार मंे ंप्रेसवार्ता के दौरान कही।
श्री जायसवाल ने कहा कि इस योजना के माध्यम से लम्बित स्टाम्पवादों का त्वरित निस्तारण होगा, स्टाम्पवादों के अन्तर्गत स्टाम्प कमी की राशि राज्य को प्राप्त होगी, जिसके फलस्वरूप राजस्व में अभिवृद्धि हो सकेगी। समाधान योजना के अन्तर्गत पक्षकारों को, जिससे पक्षकारों को आर्थिक राहत प्राप्त होगी और पक्षकारों को न्याय में विलम्ब के कारण बढ़ने वाली ब्याज की देयता से राहत प्राप्त हो सकेगी तथा स्टाम्पवादों की संख्या में कमी आयेगी।

https://youtu.be/hFyFGbjdHVA

उन्होंने बताया कि निबंधित होने वाले विलेखों पर उल्लिखित मूल्य का 02 प्रतिशत एवं अधिकतम 20 हजार रूपये तक निबंधन शुल्क लिये जाने के स्थान पर विलेखों पर उल्लिखित मूल्य का 01 प्रतिशत निबंधन शुल्क कर दिया गया है। निबंधन शुल्क की यह व्यवस्था लागू करने से 60 से 70 प्रतिशत जनसामान्य को राहत मिलेगी साथ ही राजस्व में करीब 2000 करोड़ की वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में 15622.60 करोड़ रूपये का सकल राजस्व की प्राप्ति हुई है।
स्टाम्प मंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश भर में सभी धनराशि के ई-स्टाम्प जारी किये जा रहे हैं। ई-स्टाम्पिंग प्रणाली को जन सामान्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्टाम्प वेंडरों को अधिकृत संग्रह केन्द्र (ए0सी0सी0) नियुक्त करने की अनुमति प्रदान की गयी है। इसके साथ ही एस0बी0आई0 के माध्यम से निबन्धन शुल्क आॅनलाइन जमा किये जाने की व्यवस्था भी लागू की गयी है।

 

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