Fri. May 29th, 2020

कोविड-19 से जुड़े प्रश्‍नों के लिए स्‍वच्‍छता एप का संशोधित संस्‍करण लॉन्‍च

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने कल वर्तमान स्‍वच्‍छता-एप का संशोधित संस्‍करण लॉन्च करने की घोषणा की। एमओएचयूए के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्‍यक्षता में कोविड-19 महामारी पर सभी राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों और नगरों के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंस हुई जिसमें इस एप के लॉन्‍च की घोषणा की गई। स्‍वच्‍छता एमओएचयूए एप नागरिकों के बीच शिकायत-निवारण सुविधा के रूप में बहुत लोकप्रिय है। पूरे देश में 1.7 करोड़ से अधिक उपयोगकर्त्‍ता हैं। इस एप को संशोधित किया गया है और बेहतर बनाया गया है। नागरिक अब कोविड-19 से जुड़ी शिकायतें भी इस एप पर कर सकते हैं और संबंधित शहरी निकाय इन शिकायतों का समाधान करेंगे।

 

स्‍वच्‍छता एप नागरिकों में बेहद लोकप्रिय है। बड़ी संख्‍या में लोग इसका उपयोग करते हैं। अब इस नये संस्‍करण से वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान नागरिकों को बेहतर सहायता प्राप्‍त होगी। एप में नई श्रेणियां जोड़ी गई हैं। लेकिन इससे एप की मौजूदा श्रेणियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। नागरिक किसी भी श्रेणी में अपनी शिकायत दर्ज कर सकते है।

वीडियो कॉन्‍फ्रेंस में श्री मिश्रा ने कहा, ”स्‍वच्‍छ भारत मिशन, शहरी (एसबीएम-यू) के अंतर्गत हम कोविड-19 के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और कल्‍याण सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहे हैं। राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों और नगरों को इस संदर्भ में सहायता प्रदान करने के लिए मंत्रालय (एमओएचयूए) ने कोविड-19 से जुड़ी शिकायतों के लिए अतिरिक्‍त श्रेणियों को पेश किया है। वर्तमान जरूरतों को देखते हुए अब यह एप और अधिक संवेदनशील हो गया है।”

अतिरिक्‍त 9 श्रेणियों में शामिल हैं :-

  • कोविड-19 के दौरान  स्‍वच्‍छता के लिए अनुरोध
  • कोविड-19 के दौरान  क्‍वारंटाइन का उल्‍लंघन
  • कोविड-19 के दौरान  लॉकडाउन का उल्‍लंघन
  • कोविड-19 के संदिग्‍ध मामले की रिपोर्ट
  • कोविड-19 के दौरान  भोजन का अनुरोध
  • कोविड-19 के दौरान  आश्रय का अनुरोध
  • कोविड-19 के दौरान  दवाई का अनुरोध
  • कोविड-19 के मरीज के परिवहन की सहायता के लिए अनुरोध
  • क्‍वारंटाइन क्षेत्र से अपशिष्‍ट की सफाई का अनुरोध

एप के संशोधित संस्‍करण के पायलट वर्जन को कुछ राज्‍यों और नगरों के साथ साझा किया गया था। प्राप्‍त फीडबैक के आधार पर इसे पूरे भारत में लॉन्‍च किया जा रहा है। एप के लॉन्‍च की राज्‍यों के मिशन निदेशकों और यूएलबी प्रतिनिधियों ने सराहना की। स्‍वच्‍छता-एमओएचयूए एप कोविड-19 से संबंधित नागरिकों की शिकायतों का भी निवारण करेगा। स्‍वच्‍छता एप एक प्रभावी डिजिटल उपाय है जिसके माध्‍यम से नागरिक अपने नगरों की स्‍वच्‍छता के लिए सक्रिय भूमिका निभाते है। इससे शहरी स्‍थानीय निकायों (यूएनबी) की जवाबदेही बढ़ती है।

नियमित अपडेट के लिए कृपया स्‍वच्‍छ भारत मिशन के आधिकारिक सोशल मीडिया विशेषताओं का पालन करें।

वेबपोर्टल- www.swachhbharaturban.gov.in

फेसबुक पेज – Swachh Bharat Mission – Urban

ट्वीटर हैंडल- @SwachhBharatGov

 

अनुलग्‍नक – ए- स्‍वच्‍छता – एमओएचयूए एप कोविड-19 श्रेणियों के लिए अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

क्रमांक प्रश्‍न स्‍वच्‍छता
1. एमओएचयूए एप के कोविड-19 श्रेणी में दर्ज शिकायतों के समाधान के लिए कौन जिम्‍मेदार है? स्‍वच्‍छता -एमओएचयूए एप पर दर्ज सभी शिकायतों के समाधान के लिए शहरी स्‍थानीय निकाय (यूएलबी) जवाबदेह हैं। कोविड-19 श्रेणी के तहत दर्ज शिकायत अति महत्‍वपूर्ण हैं इसलिए यूएलबी को तुरंत कार्रवाई करने की आवश्‍यकता है। या तो शिकायत का समाधान करें या संबंधित विभाग से नागरिक का संपर्क कायम  कर दें। यूएलबी को शिकायतों की स्थिति की निगरानी भी करनी चाहिए तथा इसके समाधान को सुनिश्चित करना चाहिए।
2. क्‍या नई कोविड-19 श्रेणी स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण/जीएफसी/यूएलबी का ओडीएफ स्‍कोर का हिस्‍सा होगी? नहीं, कोविड-19 श्रेणियों के दर्ज की गई शिकायतें और उनके समाधान स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण/जीएफसी/ओडीएफ प्रोटोकॉल का हिस्‍सा नहीं होगी। इन श्रेणियों को केवल नागरिकों की सहायता के लिए जोड़ा गया है। इससे यूएलबी को अपने नागरिकों के संबंध में अतिरिक्‍त जानकारी प्राप्‍त होगी।
3. कोविड-19 से संबंधित श्रेणियों को जोड़ने के बाद स्‍वच्‍छ -एमओएचयूए एप के अंतर्गत मौजूदा श्रेणियों का क्‍या होगा? कोविड-19 की नई श्रेणियां और स्‍वच्‍छता-एमओएचयूए की मौजूदा/पुरानी श्रेणियां-सभी सक्रिय रहेंगी। नागरिक इनमें से किसी भी श्रेणी में अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं जिसका समाधान संबंधित यूएलबी करेगी।
4.  एक यूएलबी शिकायतों की निगरानी किस प्रकार कर सकता है? स्‍वच्‍छ सिटी डैशबोर्ड पर सभी शिकायतों की निगरानी की जा सकती है। यह निगरानी ठीक उसी प्रकार की जा सकती है जैसे यूएलबी स्‍वच्‍छता एप पर अन्‍य शिकायतों की निगरानी करते हैं।  www.swachh.city
5. क्‍या घूमन (फ्यूमीगेशन/स्‍वच्‍छता को विभिन्‍न श्रेणियों में बांटा जा सकता है? शिकायत की श्रेणी नहीं बदलेगी। शिकायतकर्ता ”अधिक जानकारी” कॉलम में अपना अनुरोध दर्ज कर सकते हैं या यूएलबी विशिष्‍ट अनुरोध के लिए शिकायतकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।
6. क्‍या कोविड-19 अपशिष्‍ट के अनियमित निपटान की रिर्पोटिंग के लिए एक अलग श्रेणी जोड़ी जा सकती है? ऐसी शिकायत को ”क्‍वारंटाइन क्षेत्र से अपशिष्‍ट की सफाई” श्रेणी में दर्ज किया जा सकता है।

 

7. एक दूसरे से आवश्‍यक दूरी बनाए रखने के उल्‍लंघन की रिर्पोटिंग के लिए क्‍या एक अलग श्रेणी बनायी जा सकती है? इसे नई श्रेणी ”कोविड-19 के दौरान लॉकडाउन का उल्‍लंघन” के अंतर्गत दर्ज किया जा सकता है।
8. हॉटस्‍पॉट क्षेत्र में मास्‍क नहीं पहनने के लिए क्‍या एक अलग श्रेणी जोड़ी जा सकती है? इस नई श्रेणी ”कोविड-19 के दौरान लॉकडाउन का उल्‍लंघन” में दर्ज किया जा सकता है।
9. क्‍या कीटाणुशोधन/स्‍वच्‍छता के अनुरोध के लिए नई श्रेणी जोड़ी जा सकती है? इसे नई श्रेणी ”कोविड-19 के दौरान फॉगिंग/स्‍वच्‍छता के लिए अनुरोध” के तहत दर्ज किया जा सकता है।
10. नागरिकों द्वारा खाद्य की मांग को नजरअंदाज किया जाना चाहिए क्‍योंकि नागरिकों द्वारा इसका दुरुपयोग किया जा सकता है? कोविड-19 महामारी के दौरान यह महत्‍वपूर्ण है और यूएलबी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जरूरतमंद नागरिकों को खाद्य आपूर्ति की जा रही है।
11. यदि क्‍वारंटाइन या लॉकडाउन के उल्‍लंघन का प्रबंधन पुलिस/जिला प्रशासन करती है और यूएलबी प्रत्‍यक्ष रूप से इस संबंध में कार्रवाई नहीं करती है, ऐसी स्थिति में क्‍या होगा? यूएलबी ऐसी शिकायत के बारे में संबंधित प्राधिकरण को सूचित कर सकती है और इस जवाब को स्‍वच्‍छता एप पर दिया जा सकता है।

 

12. एप से संबंधित तकनीकी मामलों के समाधान के लिए क्‍या कोई हेल्‍पलाइन है? सभी प्रश्नों को swachhbharat@janaagraha.org पर मेल किया जा सकता है।

सुश्री अनुष्का अरोड़ा-जन आग्रह – 9625514474

अनसुलझे मुद्दों/शिकायतों के लिए संपर्क किया जा सकता है।

श्री सुमित अरोड़ा, जन आग्रह :  9818359033

श्री प्रबल भारद्वाज , नेशनल पीएमयू, एसबीएम (यू) : 7838606896

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