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खादी एवं ग्रामोद्योग का 2019-20 में कारोबार 90,हजार करोड़ के पार

 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में, भारत में ‘ब्रांड खादी’ की स्वीकार्यता व्यापक रूप से देखने को मिली है। जबकि खादी का उत्पादन, दीर्घकालिक विकास के लिए सबसे अनुकूल पर्यावरण उत्पाद, पिछले पांच वर्षों में दोगुने से भी ज्यादा हो चुका है, यानी 2015-16 के बाद सेय इसी अवधि के दौरान खादी की बिक्री में लगभग तीन गुनी बढ़ोत्तरी देखी गई है। यह बात खादी एवं ग्रामोद्योग के आयोग के अध्यक्ष कुमार सक्सेना ने एनीटाइम न्यूज के संवाददाता पूजा श्रीवास्तव से फोन पर बातचीत में बताया ।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, ग्रामोद्योग (वीआई) क्षेत्र के उत्पादन और बिक्री में भी पिछले पांच वर्षों में लगभग 100फीसदी की अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी देखी गई है।

श्री सक्सेना ने बताया कि पछले एक वर्ष में खादी के कारोबार के प्रदर्शन का अवलोकन करते हुए, यह 2018-19 में 3215.13 करोड़ रुपये था, जिसमें 31 फीसदी की वृद्धि दर्ज करते हुए, यह 2019-20 में 4211.26 करोड़ रुपये हो गया। ग्रामोद्योग उत्पादों का कारोबार 2019-20 में 84,675.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 19 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि 2018-19 में 71,077 करोड़ रुपये था।

वर्ष 2019-20 में, खादी एवं ग्रामोद्योग का कुल कारोबार 88,887 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
श्री सक्सेना ने कहा, “खादी उद्योग को पुनर्जीवित करने के सरकार के निरंतर प्रयासों और खादी को दैनिक जीवन की आवश्यकता के रूप में अपनाने के लिए, प्रधानमंत्री द्वारा अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात सहित विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से बार-बार अपील करने के परिणामस्वरूप, केवीआईसी विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ता चला जा रहा है”।
अध्यक्ष ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार, 2015-16 में खादी का उत्पादन 1,066 करोड़ रुपये आंका गया था, जो कि वर्ष 2019-20 में बढ़कर 2,292.44 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें 115ः से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर, खादी की बिक्री और भी ज्यादा रही। खादी फैब्रिक उत्पादों की बिक्री 2015-16 में 1,510 करोड़ रुपये थी, जो कि 2019-20 में 179ः बढ़कर 4,211.26 करोड़ रुपये हो गई।
विनय सक्सेना ने बताया कि 2015-16 में ग्रामोद्योगों के उत्पादों का उत्पादन 33,425 करोड़ रुपये का किया गया था और यह उत्पादन 2019-20 में 96 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ 65,393.40 करोड़ रुपये हो गया। 2015-16 में ग्रामोद्योगों के उत्पादों की बिक्री 40,385 करोड़ रुपये थी, जिसमें लगभग 110 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह 2019-20 में 84,675.39 करोड़ रुपये हो गया।
खादी आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि खादी परिधानों के अलावा, ग्राम उद्योग उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला जैसे सौंदर्य प्रसाधन, साबुन और शैंपू, आयुर्वेदिक दवाएं, शहद, तेल, चाय, अचार, पापड़, हैंड सैनिटाइजर, मिष्ठान्न, खाद्य पदार्थ और चमड़े की वस्तुओं ने भी बड़ी संख्या में देश-विदेश के उपभोक्ताओं को आकर्षित किया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले पांच वर्षों में ग्रामोद्योग उत्पादों के उत्पादन और बिक्री में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।
विनय कुमार सक्सेना ने बताया कि यह बात विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है कि केवीआईसी ने विभिन्न राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों जैसे एयर इंडिया, आईओसी, ओएनजीसी, आरईसी और अन्य, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, भारतीय रेल और स्वास्थ्य मंत्रालय का समर्थन जुटाने में निरंतर रूप से प्रगति की है। इसके अलावा, ग्रामोद्योग क्षेत्र में, केवीआईसी मधुमक्खी पालन, मिट्टी के बर्तन और बेकरी जैसे 150 से ज्यादा क्षेत्रों में इन-हाउस क्षमता के साथ उत्कृष्ट उत्पादों का दावा करता है।.

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