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खबरों का संज्ञान लेकर केंद्र सरकार ने राशन कार्ड को आधार से जोड़ने पर लिया यू टर्न

राशन कार्ड को आधार से जोड़ने  की मोहलत 30 सितम्बर तक

राशन कार्ड को आधार से जोड़ने के संदर्भ में स्पष्टीकरण

समाचार पत्रों एवं अन्य मीडिया माध्यमों से यह प्रचार शुरु हुआ कि आधार से न जुड़े राशन कार्ड धारकों को राशन नही दिया जयेगा। इस के बाद केन्द्र सरकार बैंकफुट पर आ गयी और उसने राशन कार्ड को आधार से जोड़ने के संदर्भ में स्पष्टीकरण जारी किया और इस में बताया कि इसकी आखरी तारिख को अब 30 सितम्बर तक बढ़ा दिया गया है। यह जानकारी उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने जारी एक बयान में दी।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा को जारी ‘आधार’ अधिसूचना 07 फरवरी 2017 के अंतर्गत सभी राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों को दी गई समय-सीमा (समय-समय पर संशोधित), जिसके अंतर्गत सभी राशन कार्डों लाभार्थियों को आधार नंबर के साथ लिंक करना है, को विभाग द्वारा 30 सितम्बर तक बढ़ा दिया गया है।

तब तक, विभाग ने सभी राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों को दिनांक 24.10.2017 और 08.11.2018 को जारी किए गए पत्रों के माध्यम से स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी वास्तविक लाभार्थी परिवार को खाद्यान के कोटे की प्राप्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए, या आधार नंबर नहीं रखने की स्थिति में उनके नाम राशन कार्ड नष्ट रद्द नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा, यह भी निर्देश जारी किया गया है कि एनएफएसए के अंतर्गत लाभार्थियों की बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण की विफलता के कारण उन्हें खाद्यान्न देने से इनकार नहीं किया जाएगा, क्योंकि लाभार्थियों की खराब बायोमेट्रिक्स, नेटवर्क

कनेक्टिविटी लिंकिंग या किसी अन्य तकनीकी कारणों से समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। वर्तमान संकट की घड़ी में, एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है जिससे किसी गरीब या पात्र व्यक्ति या परिवार को खाद्यान्न की प्राप्ति से वंचित न किया जा सके। आधार को राशन कार्ड और लाभार्थियों के साथ जोड़ने से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि इस प्रकार के राशन की प्राप्ति के कोई भी पात्र व्यक्ति ऐसा लाभ उठाने से वंचित नहीं हो सकें।

केंद्र और राज्य केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों के अथक प्रयासों के द्वारा, वर्तमान समय में सभी 23.5 करोड़ राशन कार्डों का लगभग 90 प्रतिशत पहले से ही राशन कार्ड धारकों के आधार नंबर (यानी परिवार के कम से कम एक सदस्य) से जुड़े हुए हैं जबकि, सभी 80 करोड़ लाभार्थियों में से लगभग 85 प्रतिशत ने अपने संबंधित राशन कार्ड के साथ अपना आधार नंबर भी दर्ज करवाया हुआ है। इसके अलावा, सभी संबंधित राज्य केंद्र शासित प्रदेश एनएफएसए के अंतर्गत शेष राशन कार्डों लाभार्थियों के आधार लिंक का काम पूरा करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं।

यह रेखांकित किया जाता है कि गरीब और प्रवासी लाभार्थियों के हितों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए, विभाग ने ‘सार्वजनिक वितरण प्रणाली के एकीकृत प्रबंधन’ पर एक केंद्रीय योजना के हिस्से के रूप में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत एनएफएसए राशन कार्ड धारकों के लिए राष्ट्रीय अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी के कार्यान्वयन की शुरुआत कर दी है।

राशन कार्ड की निर्बाध अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी लेनदेन की प्राप्ति के लिए, एनएफएसए के अंतर्गत आने वाले सभी राज्योंध् केंद्र शासित प्रदेशों के राशन कार्डों लाभार्थियों के आंकड़ों को बनाए रखने के लिए एक केंद्रीकृत संग्राहक का होना आवश्यक है। इसलिए, देश में एनएफएसए के अंतर्गत प्रत्येक पात्र राशन कार्ड धारकों लाभार्थियों के लिए एक अनूठा रिकॉर्ड स्थापित करने की दिशा में आधार संख्या को लिंक करना महत्वपूर्ण बन जाता है, जिससे उनकी पात्रता को सुरक्षित रखा जा सके।.

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