Fri. May 29th, 2020

चीन से बाहर जाने वाली कंपनियों के लिए उच्च संभावनाओं वाले प्रमुख क्षेत्रों की मैपिंग-सतीश महाना


 

उत्तर प्रदेश में निवेशकों की सुविधा के लिए पांच प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित

चीन से हटने वाली कंपनियों के स्वागत के लिए कई पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। व्यापार करने में आसानी, सस्ती जमीन, बुनियादी ढांचा, नीतिगत ढांचा और निवेश सुविधा जैसे पांच प्रमुख स्तंभों पर खासतौर से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, । इन सभी क्षेत्रों में प्रमुख सुधारों और पुनर्निर्मित संरचना की योजना बनाई जा रही है। यह बात उत्तर प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए व्यापक रूपरेखा से उद्यमियों को अवगत कराते हुए उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कोटेक सिक्यूरिटीज के साथ वेबिनार के माध्यम से चर्चा में कही।

उन्होंने कहा कि प्रचलित औद्योगिक नीति में चीन से शिफ्टिंग कंपनियों द्वारा लाए गए नवीनीकृत संयंत्र और मशीनरी को शामिल करने के लिए नीतिगत परिवर्तन पर विचार किया जा रहा है।
श्री महाना ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों कंपनियों को आकर्षित करने के लिए उत्सुक है और किसी भी प्रकार की कंपनियों के प्रति कोई भेदभाव नहीं है। राज्य में उन्नत तकनीकों पर आधारित निवेश के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 10 प्रमुख फोकस सेक्टर (एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, डेयरी, टूरिज्म, एमएसएमई, रिन्यूएबल एनर्जी, सिविल एविएशन, हैंडलूम एंड टेक्सटाइल एंड फिल्म) के साथ-साथ 4 सनराइज सेक्टर (ईवी, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग,) हैं। उन्होंने कहा कि यूपी की क्षमता के आधार पर चीन से बाहर जाने वाली कंपनियों के लिए उच्च संभावनाओं वाले प्रमुख क्षेत्रों की मैपिंग की है। इन क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, ग्लास, कपड़ा, रसायन, बुनियादी धातु, रक्षा और एयरोस्पेस शामिल हैं।
औद्योगिक विकास मंत्री ने यूपी में श्रम सुधारों के कार्यान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रवासी श्रमिकों के बड़े पैमाने पर प्रवाह को देखते हुए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए राज्य में व्यवसायों को लचीलापन प्रदान करने के लिए साहसिक कदम उठाये गये हैं। इसके लिए एक अध्यादेश पारित किया है, जिसमें राज्य में लगभग सभी श्रम कानूनों को 1000 दिनों के लिए अस्थाई तौर पर स्थगित कर दिया गया है। न्यूनतम मजदूरी और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रावधान भी सुनिश्चित किए गए भारत सरकार से मंजूरी मिलते ही इसे राज्य में लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में किए गए लगभग सभी बड़े सुधार यूपी में पहले ही हो चुके हैं। सरकार द्वारा सभी अनुप्रयोगों, निरीक्षण तंत्रों आदि को डिजिटल बनाने के लिए व्यापक कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार के0वीराजू, औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार भी चर्चा में शामिल हुए।

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