Fri. May 29th, 2020

जेवर नेशनल एयरपोर्ट प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा -नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’

उ0प्र0 सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना जेवर इण्टरनेशनल योजना ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए 29 नवम्बर, 2019 को फाइनेंन्सियल बीड खोली गई थी, जिसमें ज्यूरिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल ए0जी0 ने सबसे अधिक प्रति पैसेंजर दिये जाने वाले प्रीमियम की बोली 400.97 रुपये लगायी थी।
आर्वड की शर्तों के अनुसार ज्यूरिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल ए0जी0 और इसके द्वारा गठित एस.पी.वी. यमुना इण्टरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) को भारत सरकार से सेक्योरिटी क्लीयरेन्स प्राप्त करनी थी। यह बात उत्तर प्रदेश सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘‘नन्दी’’ ने जारी एक बयान में कही।

मंत्री ने हर्ष जाहिर करते हुए कहा कि ज्यूरिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल ए0जी0 ने दिनांक 30 जनवरी, 2020 को भारत सरकार में सेक्योरिटी क्लीयरेंस के लिए आवेदन किया था। भारत सरकार द्वारा दिनांक 08 मई, 2020 को ज्यूरिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल ए0जी0 को क्लीयरेन्स जारी कर दिया है। सेक्योरिटी क्लीयरेन्स मिलने से जेवर एयरपोर्ट बनाये जाने हेतु प्रशस्त हो गया है। अब बस ज्यूरिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल ए0जी0 द्वारा कन्सेशन एग्रीमेन्ट हस्ताक्षरित किया जाना है। जिसके उपरान्त जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य प्रारम्भ हो जायेगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का साइट क्लीयरेन्स, सैद्धान्तिक अनुमति, इन्वरमेन्ट क्लीयरेन्स पहले ही प्रदान कर दिया गया है। प्रथम फेज में परियोजना की लागत 4588 करोड़ रुपये की है। इस जेवर एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य चार चरणों में पूर्ण किया जायेगा। जिसकी कुल लागत 29560 करोड़ रुपये होगी। श्री गुप्ता यह भी बताया कि जेवर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट विकास की दृष्टि से प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगा, इसकी स्थापना से औद्योगिक अवस्थापना का संरचनात्मक विकास होगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगें, विनिर्माण एवं निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा तथा हवाई यातायात सुगम होगा साथ ही पर्यटन में भी वृद्धि होंगी।

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